बस्तर जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और निर्धारित नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर आकाश छिकारा के सख्त निर्देशों के तहत सोमवार को कृषि विभाग के गुणवत्ता नियंत्रण उड़नदस्ता दल ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस सघन जांच अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कड़े कदम उठाए।
निरीक्षण के दौरान उड़नदस्ता दल ने कुल 10 प्रमुख खाद केंद्रों की जांच की। रिकॉर्ड में गड़बड़ी और विक्रय नियमों की अनदेखी पाए जाने पर 7 केंद्रों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। इनमें बकावंड विकासखंड का जितेंद्र पाणिग्राही कृषि केंद्र (उलनार), शिवाय कृषि केंद्र जगदलपुर, सेठिया कृषि केंद्र जगदलपुर, बस्तर विकासखंड का दीवान कृषि केंद्र (लामकेर), सालेमेटा के बघेल ट्रेडर्स, बघेल कृषि ट्रेडिंग और रिंटू कृषि केंद्र लोहंडीगुड़ा शामिल हैं। इन सभी संस्थानों में मिली खामियों को देखते हुए आगामी आदेश तक खाद की बिक्री रोक दी गई है।
कार्रवाई के दौरान प्रतिबंध के साथ-साथ स्पष्टीकरण की प्रक्रिया भी अपनाई गई। प्रशासन ने लामकेर स्थित कुंवर और शंकर कृषि केंद्र तथा तारापुर के दक्ष कृषि केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसानों को खाद की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि कालाबाजारी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
कृषि केंद्रों का निरीक्षण करते अधिकारी
कृषि केंद्रों का निरीक्षण करते अधिकारी
कृषि केंद्रों का निरीक्षण करते अधिकारी