छत्तीसगढ़ BJP में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर हलचल तेज! तोखन साहू का बड़ा बयान- ‘पार्टी का फैसला स्वीकार’

प्रादेशिक मुख्य समाचार

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कई नामों पर अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच केंद्रीय राज्य मंत्री और बिलासपुर लोकसभा सांसद तोखन साहू का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा में है।

नए प्रदेश अध्यक्ष के संभावित नामों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच तोखन साहू के एक बयान ने सियासी हलकों में चर्चा और बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के एक छोटे से कार्यकर्ता हैं और संगठन की ओर से जो भी जिम्मेदारी या आदेश दिया जाता है, उसका पालन करते हैं।

हालांकि, अभी तक भाजपा की ओर से छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में तोखन साहू को लेकर चल रही चर्चा को फिलहाल राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर क्या बोले तोखन साहू?

प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर अपने नाम की चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए तोखन साहू ने पार्टी के फैसले को सर्वोपरि बताया।

उनका कहना है कि वह भाजपा के एक छोटे से कार्यकर्ता हैं और संगठन जो आदेश देता है, उसे निभाना उनकी जिम्मेदारी है।

उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने वाली है।

बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा

तोखन साहू के बयान को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।

प्रदेश अध्यक्ष का पद भाजपा संगठन में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस पद पर किस नेता को जिम्मेदारी मिलती है, इस पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषकों की भी नजर बनी हुई है।

फिलहाल पार्टी की ओर से आधिकारिक निर्णय का इंतजार है।

पंच से केंद्रीय मंत्री तक का सफर

तोखन साहू का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ। ग्राम पंचायत में पंच के रूप में राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे संगठन और राजनीति में अपनी जगह बनाई।

इसके बाद वह लोरमी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने और संसदीय सचिव की जिम्मेदारी भी संभाली। आगे चलकर उन्होंने लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की और वर्तमान में बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।

केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली है।

राजनीतिक सफर की प्रमुख कड़ियां

  • ग्राम पंचायत स्तर से राजनीतिक शुरुआत।
  • पंच के रूप में स्थानीय राजनीति में सक्रियता।
  • लोरमी से विधायक के रूप में चुनावी सफलता।
  • संसदीय सचिव की जिम्मेदारी।
  • बिलासपुर लोकसभा सीट से सांसद।
  • केंद्र सरकार में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी।

संगठन में अनुभव को लेकर भी चर्चा

तोखन साहू के समर्थक उनके जमीनी राजनीतिक अनुभव को उनकी बड़ी ताकत मानते हैं। पंचायत स्तर से राजनीति शुरू करने के बाद विधायक और सांसद बनने तक का उनका सफर उन्हें अलग-अलग स्तरों पर काम करने का अनुभव देता है।

केंद्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी सक्रियता बढ़ी है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठनात्मक समीकरणों के बीच उनके नाम की चर्चा को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष के लिए अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व को करना है।

अब किसके नाम पर लगेगी मुहर?

छत्तीसगढ़ भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर राजनीतिक चर्चाएं आने वाले दिनों में और तेज हो सकती हैं। कई संभावित नामों को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर चर्चा चल रही है।

तोखन साहू का यह कहना कि ‘पार्टी का फैसला स्वीकार’ संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लेकिन इसे उनकी संभावित नियुक्ति की पुष्टि नहीं माना जा सकता।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा नेतृत्व छत्तीसगढ़ संगठन की कमान किस नेता को सौंपता है। आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगा कि वर्तमान राजनीतिक चर्चाओं में कितनी सच्चाई थी और प्रदेश भाजपा का अगला अध्यक्ष कौन होगा।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *