रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष एवं भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव ने कांग्रेस पार्टी पर वंदे मातरम् के प्रति अपमानजनक रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा आज 22 अगस्त 2026 को वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो अंतरे गाए जाने संबंधी प्रस्ताव पारित करना देश की राष्ट्रभावना और संविधान की मूल भावना का अपमान है।
संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में भी अपनी कार्यसमिति में वंदे मातरम् को लेकर इसी प्रकार का प्रस्ताव पारित किया था। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू ने मोहम्मद अली जिन्ना और मुस्लिम लीग के दबाव के आगे झुकते हुए वंदे मातरम् के केवल शुरुआती दो अंतरों को मान्यता देने की बात कही थी।
उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में वंदे मातरम् ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता की चेतना जगाने का काम किया। इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा बार-बार इसके स्वरूप और सम्मान को लेकर विवाद खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस आज अपनी मूल विचारधारा से पूरी तरह भटक चुकी है। वह तुष्टीकरण की राजनीति के लिए राष्ट्रहित और राष्ट्रभावना से समझौता कर रही है। कांग्रेस ने आज अपना प्रस्ताव पारित कर एक बार फिर वंदे मातरम का अपमान कर अपने आप को नई मुस्लिम लीग के तौर पर स्थापित किया है।
श्रीवास्तव ने कहा कि देश की जनता राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस से वंदे मातरम् के प्रति अपने रुख पर पुनर्विचार करने और देश की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की।
