इंदौर। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। एजेंसी ने मंगलवार को ‘ऑपरेशन एयरो-ब्रिज’ के तहत कार्रवाई करते हुए अबू धाबी-इंदौर फ्लाइट से करीब 1.02 किलोग्राम सोना बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.44 करोड़ रुपये बताई गई है।
DRI अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। एजेंसी को सूचना मिली थी कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए सोने की तस्करी करने वाला एक सिंडिकेट सक्रिय है और वह एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं में मौजूद कुछ लोगों की मदद से अपने नेटवर्क को चला रहा है।
बुधवार को जारी आधिकारिक जानकारी में बताया गया कि DRI की जांच और सर्विलांस के दौरान यह संकेत मिले कि एयरपोर्ट के कुछ अधिकारी कथित तौर पर सोने की तस्करी करने वाले गिरोह को मदद पहुंचा रहे थे। इसके बाद एजेंसी ने अपनी निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
‘ऑपरेशन एयरो-ब्रिज’ के तहत की गई कार्रवाई में अधिकारियों ने अबू धाबी से इंदौर पहुंची फ्लाइट में संदिग्ध गतिविधियों की जांच की। जांच के दौरान तस्करी कर लाया गया सोना बरामद किया गया। एजेंसी ने सोने को जब्त कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
DRI अधिकारियों का कहना है कि सोने की तस्करी के इस नेटवर्क की जांच केवल बरामद किए गए सोने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जुड़े लोगों और पूरे सिंडिकेट का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि तस्करी में कौन-कौन लोग शामिल हैं और सोने को आगे कहां पहुंचाया जाना था।
सोने की तस्करी के मामलों में अक्सर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और संगठित नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है। तस्कर नियमों से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन खुफिया निगरानी और जांच एजेंसियों की सक्रियता के कारण ऐसे मामलों का खुलासा होता रहता है।
DRI देश में सीमा शुल्क और राजस्व से जुड़े अपराधों की जांच करने वाली प्रमुख एजेंसियों में से एक है। यह एजेंसी सोना, विदेशी मुद्रा, नशीले पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करती है।
इंदौर एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई को तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
जांच एजेंसी अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि जब्त किया गया सोना किस व्यक्ति या समूह से जुड़ा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या तस्करी करने वाले गिरोह ने पहले भी इसी तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया है।
मामले में संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है और तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
एयरपोर्ट अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के बावजूद तस्करी की कोशिशें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे में DRI की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फिलहाल 1.02 किलोग्राम सोना जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। DRI को उम्मीद है कि आगे की जांच में इस तस्करी रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और इसकी पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा हो सकेगा।
