रायपुर। राजधानी में प्रतिबंधित नशीली दवाओं के कथित अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सरस्वती नगर थाना पुलिस ने कोटा इलाके में घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से 900 नग निट्रोसन (Nitrosun) टैबलेट और 77 शीशी ऑनरेक्स (ONEREX) सिरप बरामद किया गया है।
पुलिस ने नशीली दवाओं के साथ बिक्री से प्राप्त बताए जा रहे 4,200 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार जब्त सामग्री और वाहन की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये है।
कोटा में ग्राहक तलाशने की मिली थी सूचना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 16 सितंबर 2026 को सरस्वती नगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कोटा के वाटिका नगर रोड के पास कुछ लोग दोपहिया वाहन से प्रतिबंधित नशीली दवाएं लेकर घूम रहे हैं।
सूचना के अनुसार संदिग्ध लोग इन दवाओं को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।
इसके बाद पुलिस उपायुक्त पश्चिम क्षेत्र रॉबिन्सन गुड़िया के निर्देश पर सरस्वती नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
बुलेट से पहुंचे थे आरोपी
पुलिस टीम ने मुखबिर से मिले हुलिए और वाहन संबंधी जानकारी के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। घेराबंदी के दौरान पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा।
पूछताछ में उन्होंने अपना नाम सलमान खान और शेख युसुफ बताया। पुलिस ने उनके पास रखी बोरियों की तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं मिलीं।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों से दवाओं को रखने और उनकी बिक्री से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद पुलिस ने दवाओं को जब्त करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
900 टैबलेट और 77 सिरप बरामद
सरस्वती नगर पुलिस की कार्रवाई में बरामद सामान का विवरण इस प्रकार है:
- 900 नग निट्रोसन टैबलेट
- 77 शीशी ऑनरेक्स सिरप
- 4,200 रुपये नकद
- बुलेट मोटरसाइकिल CG 04 KS 8663
- जब्त सामान और वाहन की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपये
पुलिस ने इन सभी वस्तुओं को मामले में जब्ती के तौर पर दर्ज किया है।
नारकोटिक एक्ट की धाराओं में केस
मामले में सरस्वती नगर थाने में अपराध क्रमांक 201/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 21(सी), 22(ग) और 29 नारकोटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रतिबंधित दवाएं उन्हें कहां से मिली थीं और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
सप्लायर और नेटवर्क की तलाश
पुलिस की जांच अब कथित सप्लाई चैन तक पहुंचने पर केंद्रित है। आरोपियों से दवाओं के खरीद स्रोत, सप्लायर और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है
- प्रतिबंधित दवाएं आरोपियों तक कैसे पहुंचीं?
- इनका सप्लायर कौन है?
- दवाओं की बिक्री किन इलाकों में की जानी थी?
- आरोपियों के साथ और कौन लोग जुड़े हैं?
- क्या इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा है?
रायपुर में नशीली दवाओं पर पुलिस की नजर
पुलिस के मुताबिक राजधानी में नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन और तस्करी से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सूचना तंत्र को मजबूत कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच अब गिरफ्तार आरोपियों से आगे बढ़कर दवाओं के स्रोत और संभावित नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में है।
महत्वपूर्ण: कोटा, गुढ़ियारी, रामनगर, गंज और महोबा बाजार में बड़े तस्करों के सक्रिय होने संबंधी बात स्रोत में आरोप/दावा है; इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
