बच्चों का ज्यादा फोन चलाना पड़ सकता है भारी! डॉक्टर ने बताईं 6 सेहत संबंधी परेशानियां, पैरेंट्स आज ही रखें ध्यान

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आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन बच्चों की जिंदगी का भी अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, ऑनलाइन क्लास, वीडियो, गेम और मनोरंजन के लिए बच्चे घंटों स्क्रीन के सामने समय बिताने लगे हैं। कई माता-पिता की शिकायत होती है कि बच्चा एक बार फोन हाथ में लेने के बाद उसे छोड़ना ही नहीं चाहता।

मोबाइल का सीमित और जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल अलग बात है, लेकिन लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखते रहना बच्चों की सेहत पर असर डाल सकता है। आयुर्वेद कंसल्टेंट डॉ. अमरजीत ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बच्चों के ज्यादा फोन इस्तेमाल से जुड़ी कुछ संभावित स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बताया है।

अगर आपका बच्चा भी रोजाना काफी समय मोबाइल पर बिताता है, तो इन संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।

1. आंखों में थकान और परेशानी

लंबे समय तक मोबाइल की स्क्रीन देखते रहने से बच्चों की आंखों पर दबाव पड़ सकता है। लगातार स्क्रीन देखने के दौरान आंखों को लगातार फोकस करना पड़ता है, जिससे थकान या असहजता महसूस हो सकती है।

ऐसे में बच्चों को लगातार कई घंटे फोन देखने देने के बजाय बीच-बीच में स्क्रीन से ब्रेक देना जरूरी है।

2. सिर दर्द की शिकायत

कुछ बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद सिर दर्द की शिकायत हो सकती है। आंखों पर पड़ने वाला तनाव भी सिर में परेशानी महसूस होने का एक कारण हो सकता है।

अगर बच्चा बार-बार मोबाइल चलाने के बाद सिर दर्द की बात करता है, तो माता-पिता को उसके स्क्रीन इस्तेमाल के पैटर्न पर ध्यान देना चाहिए।

3. ध्यान लगाने में परेशानी

मोबाइल पर लगातार वीडियो देखने और गेम खेलने की आदत बच्चे की रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। कुछ बच्चों को पढ़ाई या दूसरे कामों पर लंबे समय तक ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस हो सकती है।

इसलिए मोबाइल के साथ-साथ खेल, किताबें, बातचीत और दूसरी गतिविधियों के लिए भी बच्चों को पर्याप्त समय देना जरूरी है।

4. गर्दन और पीठ में दर्द

मोबाइल देखते समय बच्चे अक्सर गर्दन झुकाकर बैठते हैं। लंबे समय तक इसी मुद्रा में रहने से गर्दन, कंधे और पीठ की मांसपेशियों पर दबाव पड़ सकता है।

इससे बचने के लिए पैरेंट्स को बच्चे की बैठने की मुद्रा पर ध्यान देना चाहिए। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलना भी उपयोगी हो सकता है।

5. नींद का बिगड़ना

कई बच्चे रात में सोने से ठीक पहले तक मोबाइल चलाते रहते हैं। वीडियो और गेम में व्यस्त रहने की वजह से उनका सोने का समय आगे बढ़ सकता है।

सोने की नियमित दिनचर्या बनाए रखने के लिए रात में मोबाइल का इस्तेमाल कम करना और सोने से पहले शांत माहौल बनाना मददगार हो सकता है।

6. चिड़चिड़ापन और तनाव

जरूरत से ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल कुछ बच्चों के व्यवहार में बदलाव से भी जुड़ा हो सकता है। खासकर जब बच्चे को अचानक फोन बंद करने के लिए कहा जाता है, तो वह गुस्सा, चिड़चिड़ापन या बेचैनी दिखा सकता है।

ऐसे में मोबाइल अचानक छीनने के बजाय पहले से समय तय करना और धीरे-धीरे स्क्रीन टाइम कम करने की आदत डालना बेहतर तरीका हो सकता है।

पैरेंट्स कैसे संभालें बच्चों का स्क्रीन टाइम?

बच्चों को मोबाइल से पूरी तरह दूर रखना हर परिवार के लिए संभव नहीं है। इसलिए जरूरी है कि फोन के इस्तेमाल को व्यवस्थित किया जाए।

  • बच्चों के लिए स्क्रीन इस्तेमाल का समय तय करें।
  • लगातार लंबे समय तक स्क्रीन देखने से बचाएं।
  • खाने और सोने के समय मोबाइल से दूरी रखें।
  • बच्चों को आउटडोर गेम और शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें।
  • पढ़ाई के अलावा मनोरंजन के लिए स्क्रीन पर निर्भरता कम करें।
  • माता-पिता खुद भी बच्चों के सामने लगातार फोन इस्तेमाल करने से बचें।
  • बच्चे के व्यवहार या स्वास्थ्य में लगातार बदलाव दिखे तो विशेषज्ञ की सलाह लें।

हर बच्चे पर असर एक जैसा नहीं

यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि ज्यादा स्क्रीन टाइम का असर हर बच्चे पर एक जैसा नहीं होता। बच्चे की उम्र, स्क्रीन इस्तेमाल का समय, गतिविधियों का प्रकार, नींद और दैनिक दिनचर्या जैसे कई कारक महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

अगर बच्चे को लगातार सिर दर्द, आंखों में परेशानी, नींद की समस्या, गर्दन या पीठ में दर्द अथवा व्यवहार में गंभीर बदलाव दिखाई दे रहे हैं, तो केवल मोबाइल को कारण मानने के बजाय डॉक्टर से उचित सलाह लेना बेहतर है।

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