20 लाख में बनता था ऑनलाइन सट्टा ऐप! महादेव मॉडल पर देशभर में फैला करोड़ों का नेटवर्क, चार्जशीट में बड़ा खुलासा

प्रादेशिक मुख्य समाचार

छत्तीसगढ़ में संचालित महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच में रायपुर में बड़ा खुलासा हुआ है। यह भी सामने आया है कि सट्टा नेटवर्क का संचालन छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों से किया जा रहा था। सटोरिए महादेव बुक के प्रमोटरों के नाम पर खुद का बेटिंग ऐप बनाकर रोजाना लाखों रुपए का दांव लगवा रहे थे, और करोड़ों का ट्रांजेक्शन कर रहे थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी सकी दरडा उर्फ बाबू खेमानी समेत कई सटोरियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। राज्य में 261 से ज्यादा सटोरिए सक्रिय बताए जा रहे हैं।
कैसे चलता था यह नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया कि सकी दरडा बड़े सटोरियों का ऐप बनाकर अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था। सभी आपस में समन्वय बनाकर काम करते थे।

आरोपी सटोरिए पैनल और स्टेशन के पैसों के लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट यानी दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे।

इन खातों से रकम निकालने के बाद वे पैसों को USDT यानी क्रिप्टोकरेंसी (USDT – Tether Cryptocurrency) में बदलकर विदेश भेज रहे थे। पूरा सिस्टम महादेव बुक की कार्यप्रणाली से मिलता-जुलता है।
20 लाख में तैयार होता था बेटिंग ऐप

पुलिस के अनुसार बेसिक बेटिंग प्लेटफॉर्म यानी बेस एंड एंडरॉयड (Base and Android) तैयार करने में करीब 20 लाख रुपए खर्च होते हैं।

इसके लिए इंजीनियरों की मदद ली जाती थी। लालच एलएस, मटोलाल गेम, पॉइंट सिस्टम और हडमिन पैनल जैसी सुविधाओं वाले बेसिक एडवांस प्लेटफॉर्म तैयार करने में 50 लाख रुपए तक खर्च होता है।

रायपुर के बड़े बुकी खुद 50 लाख रुपए में यह ऐप तैयार करवा रहे थे।
क्रिप्टो और म्यूल अकाउंट से लेन-देन

मुख्य आरोपी सकी दरडा ने आदित्य तिवारी, विवेक साहनी, हरि जोशी और अन्य को विभिन्न बैंकों में खाता खुलवाने को कहा था। इन खातों में 50 लाख से ज्यादा की रकम जमा कराई जाती थी।

इसके बाद रकम को USDT में बदलकर क्रिप्टो वॉलेट एड्रेस पर ट्रांसफर किया जाता था। इन वॉलेट से ट्रांजेक्शन होने की जानकारी पुलिस को मिली है।
261 सटोरिए और करोड़ों का कारोबार

राज्य में 261 से ज्यादा सटोरिए सक्रिय हैं। इनका कारोबार सिर्फ छत्तीसगढ़ तक नहीं है। झारखंड, महाराष्ट्र, गोवा और अन्य राज्यों में भी इनका जाल फैला हुआ है।

आरोपी सटोरिए खुद कुछ करोड़ रुपए का दांव संचालित करते हैं। जबकि इनकी सहायता से दूसरे बड़े सटोरिए ऑनलाइन सट्टे का कारोबार चला रहे हैं।
महादेव ऐप से कितना मिलता जुलता है यह तरीका

यह पूरी प्रणाली महादेव बुक की कार्यप्रणाली से मिलती-जुलती है। अब छोटे-बड़े सटोरिए भी इसी मॉडल को अपना रहे हैं।

पेनल, स्टेशन, बेटिंग ऐप, म्यूल अकाउंट और क्रिप्टो ट्रांसफर की यही चेन पुराने महादेव सट्टे में भी थी।

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