रामानुजगंज। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में वन विभाग ने अवैध साल लकड़ी की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक महिंद्रा पिकअप वाहन जब्त किया है। वाहन से साल प्रजाति के पांच लट्ठे बरामद हुए हैं। वन विभाग के अनुसार, बरामद लकड़ी की कुल मात्रा 2.299 घन मीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 71 हजार 448 रुपये बताई गई है।
कार्रवाई के दौरान वाहन में मौजूद आरोपी घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। वन विभाग की टीम अब फरार आरोपी और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम
वन विभाग के अधिकारियों को मुखबिर से सूचना मिली थी कि त्रिकुंडा क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 794 स्थित पलगी जंगल में अवैध रूप से काटी गई साल लकड़ी को एक वाहन में लोड किया जा रहा है।
सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला सक्रिय हुआ और टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। जंगल में पहुंचने के बाद वनकर्मियों ने संदिग्ध गतिविधि वाले क्षेत्र की घेराबंदी शुरू कर दी।
वन विभाग की टीम को देखकर वहां मौजूद लोग सतर्क हो गए। इसी दौरान एक आरोपी घने जंगल का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा।
हालांकि, आरोपी वाहन को अपने साथ नहीं ले जा सका और वन विभाग की टीम ने लकड़ी से लदे पिकअप को जब्त कर लिया।
पिकअप में मिले साल के पांच लट्ठे
जांच के दौरान वन विभाग को महिंद्रा पिकअप वाहन क्रमांक यूपी 64 सीटी-3581 मिला। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें साल प्रजाति के पांच बड़े लट्ठे लदे हुए पाए गए।
वन विभाग के अनुसार, इन लट्ठों की कुल मात्रा 2.299 घन मीटर है। बरामद लकड़ी का बाजार मूल्य करीब 1.71 लाख रुपये आंका गया है।
वन अमले ने वाहन और लकड़ी को जब्त कर लिया है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खीरा लोड करने के बहाने जंगल में बुलाया
जांच में यह बात भी सामने आई है कि वाहन मालिक को कथित तौर पर खीरा लोड करने के लिए जंगल क्षेत्र में बुलाया गया था।
बताया गया कि वाहन के जंगल के अंदर पहुंचने के बाद उसमें खीरे के बजाय अवैध रूप से काटी गई साल लकड़ी लोड की जा रही थी। इसी दौरान वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
अमले को देखकर आरोपी लकड़ी और वाहन छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। अब वन विभाग इस पूरे मामले में वाहन मालिक समेत अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है।
वन अधिनियम के तहत दर्ज हुआ प्रकरण
वन विभाग ने मामले में संबंधित वन कानूनों के तहत कार्रवाई की है। विभाग के अनुसार, भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 33 (1) (क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ वन उपज एवं व्यापार (विनियमन) अधिनियम, 1969 की धारा 5(1) तथा छत्तीसगढ़ वनोपज अभिवहन नियम, 2001 की धारा 22 (1) के तहत भी कार्रवाई की गई है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
वन विभाग अब फरार आरोपी की पहचान और तलाश में जुटा है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जंगल से साल के पेड़ किस स्थान से काटे गए और इस अवैध परिवहन के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
वन विभाग का कहना है कि जंगलों में अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में जब्त वाहन और लकड़ी को विभागीय अभिरक्षा में लेकर आगे की जांच जारी है।
