विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का काम होगा तेज, जमीन के लिए मिले 2800 करोड़

मुख्य समाचार राष्ट्रीय

लखनऊ। विशेष संवाददाता। विंध्य-पूर्वांचल लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए शासन ने 2800 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इन पैसों से तीन जिलों में भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को विंध्य एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।गंगा एक्सप्रेसवे से छत्तीसगढ़ की सीमा को जोड़ने वाले विंध्य एक्सप्रेसवे को चंदौली होते हुए गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाना है। इस परियोजना से दोनों एक्सप्रेसवे जुड़ जाएंगे। इसके अलावा गाजीपुर, चंदौली वाराणसी से सोनभद्र, छत्तीसगढ़ तथा एमपी के सिंगरौली वालों को वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। प्रवेश नियंत्रित 6 लेन विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 9039 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तार किया जा सकता है। यह गाजीपुर के पखनपुरा से शुरू होकर मिर्जापुर के चुनार तहसील के रानीपुर में विंध्य एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगा। करीब 117 किमी लंबे एक्सप्रेसवे के लिए तीनों जिलों के 134 गांवों की कुल 1558.93 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। प्रस्ताव के मुताबिक मिर्जापुर के 34 गांवों की 318 हेक्टेयर, चंदौली के 52 गांवों की 663 हेक्टेयर तथा गाजीपुर के 48 गांवों की 576 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहीत की जानी है।

यूपीडा के प्रस्ताव पर शासन ने गाजीपुर के लिए 1100 करोड़, चंदौली को 1200 करोड़ और मिर्जापुर के लिए 500 करोड़ जारी किए गए हैं। यह रकम संबंधित जिलों के जिलाधिकारी के बचत खाते में जमा होगी। जरूरत के मुताबिक डीएम की स्वीकृति पर पैसों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह भी साफ कर दिया गया है कि किसी भी वित्तीय अनियमितता के लिए संबंधित जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे। एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। संबंधित तहसीलों के एसडीएम सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किसानों से भूमि खरीद करेंगे। जमीन की रजिस्ट्री शासन के पक्ष में होगी। मुआवजा तय दरें उस क्षेत्र की सर्किल रेट के आधार पर तय की जाएंगी। यह कहीं ज्यादा तो कहीं कम भी हो सकती हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *