नयी दिल्ली, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां चल रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन ‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’ के दूसरे दिन सोमवार को सभी राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ ग्रामीण विकास के लिए बनी ‘वीबी–जीरामजी’ योजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
इस असवर पर श्री चौहान ने कहा कि ‘विकसित भारत- जी राम जी’ योजना के लिए 95,682 करोड़ रुपये की अंतरिम स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने राज्यों से अपील करते हुए कहा कि वे समय पर अपनी औपचारिकताएं पूरी करें ताकि योजना का सुचारू क्रियान्वयन हो सके। मनरेगा के स्थान पर लायी जा रही यह योजना आगामी एक जुलाई से लागू हो रही है।
इस सम्मेलन में ‘लखपति दीदी डैशबोर्ड’ की भी शुरुआत की गयी और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ भी किया गया। श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लखपति दीदी की संख्या तीन करोड़ से बढ़ाकर छह करोड़ महिलाओं को बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का बैंक लिंकिंग रोडमैप तैयार किया गया है।
श्री चौहान ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कई अहम बिंदु रखे। इनमें राज्यों को समय पर अपना वित्तीय हिस्सा जारी करना होगा और ग्रामीण विकास से जुड़े खाली पदों को शीघ्र भरना जरूरी है। योजनाओं के प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता पर विशेष ध्यान देना होगा और सोशल ऑडिट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित मॉनिटरिंग को मजबूत करने की जरूरत भी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण सड़क योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि कई राज्यों ने अच्छा बेहतर काम किया है, जबकि कुछ को सुधार की जरूरत है। उन्होंने भूमिहीन लाभार्थियों को जमीन उपलब्ध कराने और लंबित आवासों के शीघ्र समाधान पर विशेष जोर दिया।
झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों के सफल मॉडल जैसे मल्टी‑चैनल मार्केटिंग, सामुदायिक उद्यम और हाउसहोल्ड आजीविका ऋण योजनाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन चीजों को सभी राज्यों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि अच्छा काम पूरे देश में दोहराया जा सके। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं और प्रक्रियाओं में अभी भी सुधार की गुंजाइश है और अगर राज्यों को किसी नियम या प्रक्रिया में व्यावहारिक दिक्कत है तो ग्रामीण विकास मंत्रालय उसे बदलने का प्रयास करेगा।
श्री चौहान ने कमजोर मानसून के अनुमान को लेकर 14 राज्यों के लिए चेतावनी जारी की। उन्होंने जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार की तैयारी रखने के निर्देश दिये, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
सम्मेलन में वीबी -जीरामजी से जुड़े लोगो डिजाइन और दूसरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को श्री चौहान ने सम्मानित किया गया। साथ ही कुछ पुस्तकों का विमोचन भी हुआ।
