फिर फ्लॉप हुए वैभव सूर्यवंशी! 14 गेंदों में 21 रन बनाकर लौटे पवेलियन, बढ़ी बड़ी पारी की चिंता

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स्पोर्ट्स: भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्हें हाल ही में भारतीय सीनियर टी20 इंटरनेशनल टीम में भी चुना गया है, लगातार बड़े स्कोर बनाने में संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। 2026 आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने इंडिया A टीम में आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा था, लेकिन अब तक वे अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में असफल रहे हैं।

आज श्रीलंका A के खिलाफ खेले जा रहे 50 ओवरों की ट्राई-सीरीज के दूसरे मुकाबले में भी वैभव सूर्यवंशी से एक मजबूत पारी की उम्मीद थी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया A टीम की शुरुआत कुछ हद तक ठीक रही, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में ही दबाव बना दिया।

इंडिया A ने पहले तीन ओवरों में 23 रन बनाए, जिसमें वैभव सूर्यवंशी ने ऑफ-स्पिनर सहन अराची की गेंद पर एक आकर्षक चौका लगाया। उन्होंने शुरुआत में आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और आक्रामक इरादे दिखाए, लेकिन जल्द ही उनकी पारी का अंत हो गया।

चौथे ओवर में वनुजा सहन की एक गेंद पर उन्होंने शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सही तरीके से टाइम नहीं कर सके। पॉइंट क्षेत्र में खड़े वनुजा सहन ने एक सुरक्षित कैच पकड़कर उन्हें पवेलियन भेज दिया। वैभव सूर्यवंशी 14 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हो गए।

यह लगातार तीसरा मैच था जिसमें वैभव ने आक्रामक शुरुआत तो की, लेकिन उसे बड़ी पारी में बदलने में असफल रहे। ट्राई-सीरीज के तीन मैचों में उनके स्कोर 14, 44 और 21 रन रहे हैं। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने कुल 79 रन बनाए हैं और उनका औसत 26.33 का रहा है।

हालांकि, उनके स्ट्राइक रेट पर नजर डालें तो यह 166 का रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी शुरुआत को लंबे समय तक टिकाऊ पारी में बदलने पर काम करना होगा।

इंडिया A टीम के लिए यह मैच महत्वपूर्ण माना जा रहा है और टीम प्रबंधन को उम्मीद थी कि वैभव शीर्ष क्रम में एक मजबूत भूमिका निभाएंगे। लेकिन एक बार फिर शुरुआती बढ़त के बाद विकेट गंवाने से टीम को झटका लगा।

श्रीलंका A के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी कर भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। खासकर स्पिनर्स ने बीच के ओवरों में रन गति पर नियंत्रण रखा।

क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि युवा खिलाड़ी के लिए यह एक सीखने का चरण है, जहां लगातार अंतरराष्ट्रीय और ए-लेवल क्रिकेट खेलने से अनुभव बढ़ेगा। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले मैचों में वैभव सूर्यवंशी अपनी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने में सफल होंगे।

फिलहाल, उनकी प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन निरंतरता की चुनौती उनके सामने बनी हुई है, जिसे पार करना उनके करियर के अगले चरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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