चांदी खरीदने वालों के लिए बुधवार, 12 अगस्त का दिन खास रहा। घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली। एक किलोग्राम चांदी का भाव बढ़कर 2,39,800 रुपये पर पहुंच गया। बुधवार को चांदी की कीमत में 4,095 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इससे एक दिन पहले मंगलवार शाम को चांदी का भाव 1,044 रुपये की गिरावट के साथ करीब 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। यानी एक दिन की कमजोरी के बाद बुधवार को सिल्वर ने फिर तेजी पकड़ ली।
अगर आप चांदी के गहने खरीदने या इसमें निवेश करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले अपने शहर का ताजा भाव जानना जरूरी है।
दिल्ली में चांदी का आज का भाव
राजधानी दिल्ली के बुलियन मार्केट में बुधवार को एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2,39,800 रुपये रही। यहां चांदी के भाव में 4,095 रुपये की तेजी आई।
- 10 ग्राम चांदी: 2,398 रुपये
- 100 ग्राम चांदी: 23,988 रुपये
- 1 किलोग्राम चांदी: 2,39,800 रुपये
लखनऊ में चांदी सबसे महंगी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चांदी का भाव दिल्ली से ज्यादा रहा। यहां एक किलोग्राम चांदी 2,41,757 रुपये पर पहुंच गई।
लखनऊ में बुधवार को चांदी की कीमत में करीब 4,083 रुपये का इजाफा हुआ।
पटना में भी चांदी चमकी
बिहार की राजधानी पटना में एक किलोग्राम चांदी का भाव करीब 2,39,000 रुपये रहा। यहां बुधवार को कीमत में 3,788 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जयपुर में 2.39 लाख रुपये किलो
राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को चांदी का भाव 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। शहर में चांदी की कीमत 4,095 रुपये बढ़ी है।
मुंबई में भी तेजी
मुंबई में एक किलोग्राम चांदी का भाव 2,39,487 रुपये दर्ज किया गया। यहां बुधवार को चांदी की कीमत में 3,463 रुपये की तेजी रही।
प्रमुख शहरों में चांदी का भाव
- दिल्ली: ₹2,39,800 प्रति किलो
- लखनऊ: ₹2,41,757 प्रति किलो
- पटना: ₹2,39,000 प्रति किलो
- जयपुर: ₹2,39,000 प्रति किलो
- मुंबई: ₹2,39,487 प्रति किलो
क्यों बढ़ रही है चांदी की कीमत?
चांदी के भाव में तेजी के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण हैं। इनमें डॉलर की चाल, औद्योगिक मांग, निवेशकों की खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय तनाव प्रमुख हैं।
1. डॉलर में कमजोरी
चांदी की कीमत पर डॉलर की चाल का सीधा असर पड़ता है। डॉलर कमजोर होने पर अन्य मुद्राओं में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए चांदी अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकती है। इससे कीमती धातु की मांग बढ़ने का दबाव बनता है।
2. इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत
चांदी का इस्तेमाल केवल आभूषण बनाने में नहीं होता। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई औद्योगिक उत्पादों में भी इसकी बड़ी भूमिका है।
सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमतों को सपोर्ट मिलता है। यही वजह है कि चांदी को केवल कीमती धातु नहीं बल्कि इंडस्ट्रियल मेटल के तौर पर भी देखा जाता है।
3. वैश्विक तनाव का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स की ओर रुख कर सकते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज को लेकर बनी परिस्थितियों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है।
ऐसे माहौल में सोने के साथ चांदी में भी निवेश मांग बढ़ सकती है, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है।
4. निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
चांदी लंबे समय से निवेशकों के बीच एक लोकप्रिय विकल्प बनी हुई है। जब बाजार में चांदी की कीमत बढ़ने की उम्मीद बनती है, तो निवेशक इसकी खरीदारी बढ़ा सकते हैं। इससे मांग बढ़ने पर कीमतों को और सहारा मिल सकता है।
क्या चांदी खरीदने का यह सही समय है?
चांदी का भाव इस समय काफी ऊंचे स्तर पर है। ऐसे में केवल कीमत बढ़ रही है देखकर जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय अपनी जरूरत और बजट को ध्यान में रखना बेहतर है।
अगर आप गहने खरीद रहे हैं तो चांदी के बाजार भाव के साथ मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क भी जरूर देखें। निवेश के लिए चांदी खरीदने वालों को कीमतों में आने वाले उतार-चढ़ाव और अपने जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए।
जरूरी बात: अलग-अलग शहरों और सर्राफा बाजारों में चांदी की कीमत कुछ अलग हो सकती है। गहने खरीदते समय शुद्धता और अंतिम बिल में लगाए गए सभी शुल्क की जांच जरूर करें।
