52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचा पतंजलि फूड्स का स्टॉक, CEO बोले- कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत

मुख्य समाचार राष्ट्रीय व्यापार जगत

Patanjali foods share: वैसे तो बुधवार को भारतीय शेयर बाजार गुलजार था लेकिन योगगुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स के शेयर में हाहाकार मचा हुआ था। शेयर में बिकवाली का आलम ये रहा कि कीमत में लगभग 20% की गिरावट आई। इसी के साथ शेयर ₹328 रुपये पर आ गया, जो इसके 52 हफ्ते का नया लो भी है। बता दें कि तीन दिन से पतंजलि फूड्स के शेयर में गिरावट जारी है।

कंपनी पर कर्ज नहीं, ना कोई गड़बड़ी

यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पतंजलि फूड्स के CEO संजीव अस्थाना ने कंपनी और कारोबार को लेकर निवेशकों को भरोसा दिया है। उन्होंने CNBC-TV18 के साथ एक खास बातचीत में कहा कि कंपनी का कारोबार बहुत अच्छा चल रहा है और बैलेंस शीट भी मजबूत बनी हुई है। इसके साथ ही बिजनेस के लक्ष्यों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी रेग्युलेटर ने भी कोई गड़बड़ी या समस्या नहीं पाई है। CEO अस्थाना के अनुसार, पतंजलि फूड्स पर कोई कर्ज नहीं है। उनके मुताबिक कंपनी के पास ₹5000 करोड़ का रिजर्व और सरप्लस है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पतंजलि फूड्स के शेयर की कीमत में आई भारी गिरावट ने डेली चार्ट पर एक बड़े कंसोलिडेशन ब्रेकडाउन की पुष्टि की है। टेक्नीकल प्वाइंट से देखें तो मंदी का रुझान और मजबूत होता दिख रहा है। उनके अनुसार पतंजलि फूड्स के शेयरों के लिए नीचे की तरफ अगला अहम सपोर्ट लेवल ₹330–325 का जोन है। एक्सपर्ट के मुताबिक शॉर्ट टर्म में गिरावट तेजी से ₹310 तक जा सकती है।

SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज के AVP – इक्विटी टेक्निकल रिसर्च, क्षितिज गांधी के मुताबिक जब तक पतंजलि फूड्स के शेयर की कीमत ₹400-435 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार नहीं कर लेती तब तक इसका ओवरऑल टेक्निकल सेटअप कमजोर रहने की संभावना है। किसी भी शॉर्ट-टर्म रिकवरी पर लगातार खरीदारी के बजाय नई बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के VP सचिन गुप्ता ने बताया कि चार्ट स्ट्रक्चर में कोई ठोस सुधार तभी दिखेगा जब स्टॉक आने वाले सेशन में एक स्टेबल बेस बना ले और ₹435 के लेवल को लगातार क्लोजिंग के आधार पर फिर से हासिल कर ले। तब तक, बड़ा ट्रेंड साफ तौर पर मंदी वाला बना हुआ है। वे ट्रेडर्स को सलाह देते हैं कि वे आक्रामक तरीके से बॉटम-फिशिंग (गिरावट पर खरीदारी) से बचें।

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