स्कूली किताब में बड़ा ‘गाना कांड’: ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ छपते ही मचा बवाल, NEP 2020 की किताबों पर उठे सवाल

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत तैयार की गई नई स्कूली किताबें एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला किसी सामान्य गलती का नहीं, बल्कि ऐसा है जिसने सोशल मीडिया से लेकर शिक्षा जगत तक हलचल मचा दी है। ओडिशा के सरकारी स्कूलों की कक्षा 8 की कला शिक्षा की किताब ‘कृति’ में बॉलीवुड का मशहूर गाना ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ शामिल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट्स के अनुसार, नई पाठ्यपुस्तकों के ‘मो संगीत जगत’ नामक अध्याय में छात्रों को संगीत और लोक परंपरा से जोड़ने की कोशिश की गई थी। उद्देश्य था कि बच्चों को लोकगीतों और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराया जाए।

लेकिन इसी प्रक्रिया में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आ गई। राजस्थान के पारंपरिक लोकगीत ‘निंबूड़ा’ को समझने के बजाय फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के लोकप्रिय बॉलीवुड वर्जन को ही किताब में शामिल कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि अब बच्चे लोकसंस्कृति के साथ-साथ फिल्मी गानों को भी पाठ्यक्रम में पढ़ रहे हैं।

सिर्फ एक गाना नहीं, और भी गलतियां सामने आईं

यह विवाद केवल ‘निंबूड़ा’ तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि नई किताबों में कई अन्य गंभीर त्रुटियां भी पाई गई हैं।

कुछ प्रमुख समस्याएं:

  • किताबों में 1,000 से अधिक त्रुटियां बताई जा रही हैं
  • वैज्ञानिक तथ्यों में गलत जानकारी शामिल होने के आरोप
  • कुछ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों में भ्रम
  • पाठ्य सामग्री में असंगत और बिना जांच के डेटा का उपयोग

इन गलतियों ने शिक्षा व्यवस्था की तैयारी और समीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सोशल मीडिया पर बना मजाक और मीम्स की बाढ़

जैसे ही यह मामला सामने आया, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई। लोगों ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि अब क्या छात्रों को परीक्षा में गानों पर डांस भी करना होगा या प्रैक्टिकल में फिल्मी स्टेप्स दिखाने होंगे।

हालांकि कुछ शिक्षाविदों ने इस पर गंभीर चिंता जताई है कि पाठ्यक्रम में इस तरह की लापरवाही छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।

प्रशासन की कार्रवाई और जांच

विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है और लापरवाही के आरोपों की समीक्षा की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार:

  • जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है
  • पाठ्यपुस्तक निर्माण प्रक्रिया की समीक्षा शुरू हो गई है
  • भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए सख्त गाइडलाइन बनाने की तैयारी है

आगे क्या होगा?

सरकार का कहना है कि गलतियों वाली किताबों को तुरंत वापस लेना संभव नहीं है, लेकिन शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कक्षा में इन त्रुटियों को सुधारकर छात्रों को सही जानकारी दें।

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