Amit Shah: ‘विपक्ष चर्चा करे, मैं हर सवाल का जवाब दूंगा’, अमित शाह ने दी खुली चुनौती- अब तय करे हंगामा या बहस?

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नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है तो सरकार भी हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। शाह ने विपक्ष से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखित रूप से चर्चा के लिए सहमति देने को कहा है।

संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमित शाह ने कहा कि विपक्ष अगर चर्चा के लिए तैयार है तो आज दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सकती है और वह अगले दिन दोपहर 3 बजे सभी उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

‘विपक्ष लिखकर दे कि चर्चा के लिए तैयार है’

अमित शाह ने कहा कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष को लिखकर दे कि वह चर्चा के लिए तैयार है। इसके बाद सरकार चर्चा के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि वह खुद चर्चा में मौजूद रहेंगे, विपक्ष के सवाल सुनेंगे और उनके सभी सवालों का जवाब देंगे।

शाह के बयान का मुख्य संदेश यह रहा कि अब फैसला विपक्ष को करना है कि वह संसद में बहस चाहता है या फिर हंगामा।

अमित शाह ने क्या कहा?

  • विपक्ष चर्चा के लिए लिखित सहमति दे।
  • आज दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सकती है।
  • अगले दिन दोपहर 3 बजे वह खुद जवाब देंगे।
  • विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने को तैयार हैं।
  • सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।
  • विपक्ष तय करे कि उसे चर्चा करनी है या हंगामा।

‘आपको चर्चा क्यों नहीं चाहिए, इस पर भी बात करूंगा’

गृह मंत्री ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही चलने नहीं दे रहा।

अमित शाह ने कहा कि अगर विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है तो वह सदन में जाकर हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा के दौरान वह इस मुद्दे पर भी बात करेंगे कि विपक्ष आखिर चर्चा क्यों नहीं चाहता।

‘सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं’

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

उन्होंने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि जब सदन की कार्यवाही ही नहीं चलने दी जा रही है तो संसद में जाकर चर्चा कैसे होगी।

शाह ने जोर देकर कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह संसद में उठाए जाने वाले सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

विपक्ष की क्या है मांग?

गौरतलब है कि संसद में विपक्ष की ओर से लगातार हंगामा किया जा रहा है। विपक्ष राजधानी में 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में गतिरोध बना हुआ है और सदन की कार्यवाही कई बार प्रभावित हुई है।

‘जनता तय करे कौन भाग रहा है’

अमित शाह ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि विपक्ष ही चर्चा की मांग कर रहा था और सरकार ने उस मांग को स्वीकार कर लिया है। अब विपक्ष को चर्चा के लिए सदन में आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वह सदन में बैठेंगे, विपक्ष की बात सुनेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष चर्चा से पीछे हटता है तो जनता तय करे कि चर्चा से कौन भाग रहा है।

मानसून सत्र का आखिरी दिन कल

संसद का मानसून सत्र अब अपने अंतिम चरण में है और गुरुवार को सत्र का आखिरी दिन है। ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच अमित शाह का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब देखना होगा कि विपक्ष चर्चा के प्रस्ताव को स्वीकार करता है या संसद की कार्यवाही को लेकर गतिरोध आगे भी जारी रहता है। एक तरफ सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष अपनी मांगों पर कायम है। ऐसे में मानसून सत्र के अंतिम दिन संसद में राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

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