अडानी ग्रीन एनर्जी के कारोबार में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। कंपनी की ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता सालाना आधार पर 24% बढ़कर 20,763 MW हो गई। वहीं, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान बिजली की बिक्री 32% बढ़कर 25,747 मिलियन यूनिट पहुंच गई। कंपनी ने 10 अक्टूबर को जारी अपने प्रोविजनल ऑपरेशनल अपडेट में यह जानकारी दी। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी अपनी ग्रीन एनर्जी क्षमता बढ़ाने के साथ बिजली उत्पादन और बिक्री का दायरा भी बढ़ा रही है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
कंपनी ने अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान 4,083 MW की नई ग्रीनफील्ड रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता चालू की। इसमें से 621 MW क्षमता वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के बीच जोड़ी गई। नई परियोजनाओं के चालू होने से कंपनी की कुल ऑपरेशनल क्षमता बढ़कर 20,763 MW हो गई। रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में क्षमता का विस्तार कंपनी के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भविष्य में बिजली उत्पादन और बिक्री बढ़ाने की संभावनाएं बनती हैं।
अडानी ग्रीन एनर्जी ने गुजरात के खावड़ा में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान 3,081 MWh की BESS (Battery Energy Storage System) क्षमता चालू की। इसके बाद 30 सितंबर 2026 तक कंपनी की कुल स्थापित बैटरी स्टोरेज क्षमता 6,632 MWh हो गई। बैटरी स्टोरेज सिस्टम में उत्पादित बिजली को स्टोर किया जा सकता है, जिससे जरूरत के समय उसकी आपूर्ति में मदद मिलती है। सौर और पवन ऊर्जा के उत्पादन में मौसम और समय के कारण बदलाव होता है, इसलिए स्टोरेज क्षमता बिजली आपूर्ति को अधिक लचीला बनाने में उपयोगी हो सकती है।
FY 2027 की पहली छमाही में कंपनी के सोलर पोर्टफोलियो का CUF (Capacity Utilisation Factor) 22.9% रहा। विंड पोर्टफोलियो में यह 42.9% और हाइब्रिड पोर्टफोलियो में 45.2% दर्ज किया गया। CUF से पता चलता है कि किसी परियोजना की वास्तविक बिजली उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल किस स्तर तक हुआ। इस दौरान सोलर प्रोजेक्ट की उपलब्धता 99.3%, विंड परियोजनाओं की 94.6% और हाइब्रिड परियोजनाओं की 98.8% रही। प्लांट की उपलब्धता यह बताती है कि परियोजनाएं कितने समय तक संचालन के लिए उपलब्ध रहीं।
कंपनी के मुताबिक, उसकी चालू परियोजनाओं ने अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान 44 लाख से अधिक घरों को बिजली उपलब्ध कराने में मदद की। इसी अवधि में इन परियोजनाओं के कारण अनुमानित 1.75 करोड़ टन कार्बन डायऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन से बचाव हुआ। यह आंकड़ा कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार के पर्यावरणीय योगदान को दर्शाता है।
अडानी ग्रीन एनर्जी के ये आंकड़े 30 सितंबर 2026 को समाप्त 6 महीने की अवधि के लिए प्रोविजनल हैं। क्षमता में बढ़ोतरी और बिजली बिक्री में तेजी कंपनी के परिचालन विस्तार के संकेत हैं, लेकिन शेयर में निवेश का फैसला करने से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, कर्ज, नकदी प्रवाह और मौजूदा शेयर वैल्यूएशन का भी आकलन करना चाहिए।
