क्या बैंक की गलती से आपका पैसा फंसा या नुकसान हुआ है? अगर शिकायत करने के बाद भी बैंक सुनवाई नहीं कर रहा, तो अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की नई ओम्बड्समैन स्कीम के तहत आपको 33 लाख रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है। जानिए कौन कर सकता है शिकायत और क्या है पूरा प्रोसेस।
कौन कर सकता है शिकायत?
अगर किसी ग्राहक को बैंक की सर्विस से परेशानी होती है और बैंक उसकी शिकायत का संतोषजनक समाधान नहीं करता, तो वह आरबीआई ओम्बड्समैन के पास शिकायत दर्ज करा सकता है। सबसे पहले संबंधित बैंक या संस्था के पास शिकायत करना जरूरी है। यदि वहां से समाधान नहीं मिलता, तब आरबीआई के पास मामला ले जाया जा सकता है।
नहीं होगी कोर्ट जाने की जरूरत
आरबीआई के अनुसार यह एक फ्री, तेज और आसान तरीके से शिकायत निपटाने का तरीका है। इसका मकसद ग्राहकों, बैंक, एनबीएफसी या वित्तीय संस्थानों के बीच विवाद का समाधान बिना अदालत जाए करना है। यह योजना बैंकों, कुछ एनबीएफसी, प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट जारी करने वाली कंपनियों और क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों पर लागू होती है।
कितना मिलेगा ग्राहकों को मुआवजा?
इस योजना के तहत शिकायत के अमाउंट पर कोई सीमा तय नहीं है। यानी किसी भी रकम से जुड़ा विवाद आरबीआई ओम्बड्समैन के सामने रखा जा सकता है। हालांकि, अगर बैंक की गलती से ग्राहक को आर्थिक नुकसान हुआ है, तो ओम्बड्समैन 30 लाख रुपये तक का मुआवजा देने का आदेश दे सकता है। इसके अलावा समय की बर्बादी, खर्च, मानसिक तनाव और उत्पीड़न के लिए 3 लाख रुपये तक का एक्स्ट्रा मुआवजा भी दिया जा सकता है। इस तरह कुल मुआवजा 33 लाख रुपये तक हो सकता है।
शिकायत के लिए कौनसी जानकारी देनी होगी?
शिकायत दर्ज कराने के लिए ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर, पता, बैंक या संस्था का नाम, शिकायत संख्या, खाते या लोन की जानकारी, संबंधित डॉक्यूमेंट और बैंक से मिले जवाब की कॉपी जैसी जानकारी देनी होगी।
