नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आगामी छठ महापर्व को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि छठ पूजा के आयोजन में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष दिल्ली में 1400 से अधिक छठ घाट तैयार किए जाएंगे, जबकि पिछले वर्ष 1326 घाट बनाए गए थे। इसके साथ ही सरकार ने 16 नवंबर को छठ पूजा के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाटों पर मूलभूत सुविधाओं की तैयारी 6 नवंबर तक पूरी कर ली जाए और त्योहार शुरू होने से कम से कम दो दिन पहले सभी प्रमुख व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
दिल्ली में 1400 से अधिक छठ घाट तैयार करने की योजना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि इस बार दिल्ली में छठ पूजा के लिए घाटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
पिछले वर्ष राजधानी में 1326 छठ घाट बनाए गए थे, जबकि इस वर्ष 1400 से अधिक घाट तैयार करने की योजना है।
सरकार का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले श्रद्धालुओं को उनके घरों के नजदीक पूजा करने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
दिल्ली में बड़ी संख्या में बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोग रहते हैं। इन परिवारों के लिए छठ पूजा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने संबंधित विभागों से घाटों की तैयारियों की नियमित निगरानी करने को कहा।
6 नवंबर तक पूरी करनी होंगी बुनियादी तैयारियां
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करते हुए काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अनुसार, छठ घाटों पर आवश्यक बुनियादी तैयारियां 6 नवंबर तक पूरी की जाएंगी।
इसके बाद घाटों में पानी भरने, टेंट लगाने और अंतिम सफाई जैसे कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को केवल कागजी प्रगति रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
उन्हें स्वयं घाटों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना होगा और कमियां मिलने पर तत्काल सुधार सुनिश्चित करना होगा।
संबंधित जिला प्रशासन और विभागों को लगातार निरीक्षण करने तथा आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
13 से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा छठ महापर्व
इस वर्ष दिल्ली में छठ महापर्व 13 नवंबर से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा।
चार दिवसीय इस पर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होगी। इसके बाद खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य की परंपराएं निभाई जाएंगी।
15 नवंबर की शाम व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे, जबकि 16 नवंबर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पर्व का समापन होगा।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
इस निर्णय से छठ पूजा करने वाले परिवारों और सुबह के अर्घ्य में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और शौचालय की व्यवस्था
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छठ घाटों पर महिला श्रद्धालुओं की सुविधाओं को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख घाटों पर पर्याप्त संख्या में शौचालय और महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के कक्ष उपलब्ध होने चाहिए।
घाटों पर स्वच्छ पेयजल, रोशनी और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी सुनिश्चित किया जाएगा।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि घाटों तक आने-जाने वाले रास्तों की सफाई और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।
सरकार का उद्देश्य है कि व्रत रखने वाली महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को पूजा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ठंड से बचाव के लिए लगाए जाएंगे ढके हुए टेंट
नवंबर के मध्य में दिल्ली में ठंड बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार ने घाटों पर विशेष इंतजाम करने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बड़े और मध्यम आकार के छठ घाटों पर आवश्यकतानुसार ढके हुए टेंट लगाए जाएं।
प्रमुख मॉडल घाटों पर मंच के पीछे और पूजा स्थलों के आसपास अतिरिक्त टेंट लगाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
इन सुविधाओं से श्रद्धालुओं को ठंडी हवा और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से कुछ राहत मिल सकेगी।
सरकार ने आयोजन स्थलों पर भीड़ की संभावित संख्या के अनुसार व्यवस्थाएं विकसित करने पर भी जोर दिया है।
सुरक्षा के लिए CCTV और दमकल की व्यवस्था
छठ पूजा के दौरान भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख छठ घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि भीड़ और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले घाटों के आसपास अग्निशमन वाहनों की तैनाती की योजना है।
पुलिस, यातायात पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
घाटों तक पहुंचने वाले प्रमुख रास्तों पर पर्याप्त रोशनी और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार का प्रयास है कि भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था पहले से तैयार रहे।
15 और 16 नवंबर को चौबीसों घंटे चलेगा सफाई अभियान
मुख्यमंत्री ने छठ घाटों की स्वच्छता को लेकर विशेष निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि संध्या अर्घ्य से पहले, रात्रिकालीन पूजा के बाद और उषा अर्घ्य समाप्त होने के तुरंत बाद साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
15 और 16 नवंबर को सबसे अधिक भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए सफाई कर्मचारियों और अतिरिक्त टीमों को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख घाटों पर बड़े कूड़ेदान लगाए जाएंगे और एकत्र कचरे का लगातार निस्तारण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटों के साथ आसपास की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।
मॉडल घाटों पर LED स्क्रीन और आकर्षक प्रवेश द्वार
दिल्ली सरकार ने प्रमुख मॉडल छठ घाटों को विशेष रूप से विकसित करने की योजना बनाई है।
इन घाटों पर आकर्षक स्वागत द्वार और एलईडी स्क्रीन लगाने का प्रस्ताव है।
एलईडी स्क्रीन पर छठ पूजा से जुड़ी सांस्कृतिक सामग्री और सरकारी जनकल्याण योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की जा सकती है।
सरकार कुछ प्रमुख आयोजनों में विदेशी राजदूतों को आमंत्रित करने की संभावना पर भी विचार कर रही है।
इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के साथ समन्वय कर उपयुक्त स्थान का चयन किया जा सकता है।
हालांकि, विदेशी मेहमानों की भागीदारी और कार्यक्रम स्थल को लेकर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है।
रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी विशेष इंतजाम
छठ पूजा के दौरान दिल्ली से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।
इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को परिवहन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
सरकार रेलवे के साथ समन्वय करेगी और प्रमुख बस अड्डों पर यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।
त्योहारी भीड़ के कारण यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित एजेंसियों को पहले से तैयारी करने को कहा गया है।
छठ पूजा की तैयारियों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि छठ पूजा की तैयारियों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने और घाटों पर जाकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जांचने को कहा।
दिल्ली सरकार ने स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल, रोशनी, शौचालय और यातायात प्रबंधन को आयोजन की प्रमुख प्राथमिकताओं में रखा है।
अब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती 1400 से अधिक घाटों पर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कराना और लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना होगा।
