करवा चौथ का त्योहार इस साल 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन शादीशुदा महिलाएं पति की लंबी उम्र और खुशहाल शादीशुदा जिंदगी की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। सुबह सरगी खाने के बाद शुरू होने वाला यह व्रत रात में चांद देखने और पूजा करने के बाद खोला जाता है। कई महिलाएं इस दौरान पूरे दिन न कुछ खाती हैं और न पानी पीती हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि हर महिला के लिए निर्जला व्रत रखना सही नहीं होता? कुछ हेल्थ प्रॉब्लम्स में लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से परेशानी बढ़ सकती है। आइए जानते हैं किन 6 महिलाओं को व्रत रखने से पहले अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए।
1. प्रेग्नेंट महिलाएं
डॉ. जया त्रिवेदी (Consultant Gynaecologist, वेदांता हॉस्पिटल, कानपुर) के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान महिला के शरीर को पहले से ज्यादा पोषण और पानी की जरूरत होती है। इस समय लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और कमजोरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसका असर मां की सेहत पर पड़ सकता है और कुछ स्थितियों में बच्चे के लिए भी। इसलिए अगर आप प्रेग्नेंट हैं और करवा चौथ का व्रत रखना चाहती हैं, तो बीच में फलाहार (दूध, फल, आदि) ले लें। अगर डॉक्टर व्रत रखने से मना करते हैं या प्रेग्नेंसी में कोई परेशानी है, तो निर्जला व्रत रखने से बचें।
2. ब्रेस्टफीडिंग मॉम्स
जो महिलाएं छोटे बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं, उन्हें अपनी डाइट और पानी का खास ध्यान रखना चाहिए। बच्चे को दूध पिलाने के लिए शरीर को पर्याप्त पोषण और फ्लूइड की जरूरत होती है। ऐसे में पूरे दिन पानी न पीने से डिहाइड्रेशन, थकान और कमजोरी हो सकती है। अगर बच्चा अभी छोटा है और आप उसे नियमित रूप से दूध पिलाती हैं, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से बात करें। इस दौरान अपनी और बच्चे की सेहत को प्राथमिकता देना जरूरी है।
3. डायबिटीज से परेशान महिलाएं
डायबिटीज में लंबे समय तक खाना न खाने से ब्लड शुगर कम हो सकती है। वहीं, कुछ स्थितियों में ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा भी रहता है। खासकर इंसुलिन या ब्लड शुगर कम करने वाली कुछ दवाएं लेने वाली महिलाओं के लिए बिना मेडिकल सलाह के व्रत रखना जोखिम भरा हो सकता है। अगर आपको डायबिटीज है, तो सिर्फ त्योहार के लिए अपनी दवा का समय बदलना या उसे छोड़ना सही नहीं है।
4. दिल की बीमारी से जूझ रही महिलाएं
दिल की बीमारी होने पर खानपान, पानी और दवाओं का खास ध्यान रखना पड़ता है। लंबे समय तक पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे कुछ महिलाओं में ब्लड प्रेशर और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। अगर आपको हार्ट से जुड़ी कोई बीमारी है या नियमित दवाएं लेती हैं, तो व्रत रखने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
5. खून की कमी या दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स
जिन महिलाओं को एनीमिया यानी खून की कमी, लो ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी या पेट से जुड़ी कोई गंभीर समस्या है, उन्हें भी निर्जला व्रत रखने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। अगर आपको अक्सर चक्कर आते हैं, बहुत थकान रहती है या कमजोरी महसूस होती है, तो पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने से परेशानी बढ़ सकती है। ऐसी महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे अपनी हेल्थ कंडीशन को समझें और डॉक्टर की सलाह लें।
6. पीरियड्स के दौरान
पीरियड्स के दौरान हर महिला की बॉडी अलग तरह से रिएक्ट करती है। कुछ महिलाओं को हल्का दर्द होता है, जबकि कुछ को पेट में तेज दर्द, थकान, चक्कर या ज्यादा ब्लीडिंग की परेशानी होती है। ऐसे में पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने से कमजोरी और डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। अगर पीरियड्स के दौरान आपकी तबीयत ठीक नहीं रहती, तो अपनी हेल्थ को इग्नोर न करें। व्रत रखने को लेकर उलझन हो, तो डॉक्टर से सलाह लें।
