करवा चौथ 2026 : क्या इस साल आप भी पहली बार करवा चौथ का व्रत लर रही हैं? इस साल अक्टूबर के महीने में करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुहाग की सलामती की कामना कर यह उपवास करती हैं। यह एक कठोर व्रत माना जाता है। पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाएं शाम में पूजन समाप्त कर पति के हाथों से जल ग्रहण कर पारण करती हैं। कई बार कंफ्यूजन बना रहता है कि पहले करवा चौथ का सामान मायके से आएगा या ससुराल से और सामान में क्या- क्या भेजा जाता है। करवा चौथ व्रत शुरू होने से लेकर समापन तक कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। अगर आप भी पहली बार करवा चौथ का व्रत कर रही हैं तो आगे पढ़ें व्रत से जुड़ी कुछ जरूरी बातें-
पहली बार कैसे करें करवा चौथ व्रत, जानें व्रत नियम, क्या करें और क्या न करें
पहले करवा चौथ व्रत में पूजा का समान कहां से आता है?
आमतौर पर पहली बार करवा चौथ का बायना मायके से आता है। बायने में कपड़े, बर्तन, शृंगार और सुहाग का सामान, शगुन, कम से कम 17 खांड के करवे समेत पूजा का संपूर्ण सामान बेटी और सांस के लिए भिजवाने की परंपरा है।
व्रत में बायने का सामान मायके से आता है?
हां, शादी के बाद जब पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा जाता है तो बायने का सामान मायके से आता है। पूजा का जो भी सामान मायके से आता है, उसी सामान से करवा चौथ की पूजा की जाती है। पहली बार करवा चौथ पर व्रत रखने पर आप सामग्री नहीं खरीदते हैं।
14 करवे खांड के, एक करवा गोद में रखने के लिए, 1 करवा पति के लिए, 1 करवा घर में रखने के लिए यानि कुल मिलाकर कम से कम 17 करवे दिए जाते हैं। 14 बर्तन (स्टील, पीतल, या तांबे के अपने सामर्थ्य अनुसार) दिए जाते हैं। 1 कांसे, स्टील या पीतल का गंगा सागर (टोंटी वाला कलश) अर्घ्य देने के लिए। अर्घ्य देने वाले लोटे में अक्षत भरकर और एक प्लेट से ढककर दिया जाता है। इसे खाली नहीं भेजते हैं। इसके साथ ही छलनी, पांच कपड़े समेत शृंगार का पूरा सामान जाता है। सांस के लिए भी कपड़े, दक्षिणा और शृंगार का सामान भेजा जाता है। 5 बर्तन अलग से जाएंगे और मिठाई भेजी जाती है।
करवा चौथ के व्रत की शुरुआत सरगी के साथ
करवा चौथ के व्रत की शुरुआत सुबह की सरगी का सेवन कर किया जाता है। सुबह स्नान आदि कर सूर्य के उदय होने से पहले (लगभग 4 बजे) सरगी का सेवन किया जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में सरगी का सेवन कर व्रत प्रारंभ किया जाता है। सांस द्वारा बहु को सरगी देने की परंपरा है। सरगी में 7 चीजों का सेवन करने का महत्व माना गया है।
सरगी की थाली में क्या-क्या होना चाहिए?
सरगी की थाली में फल, दही, शगुन, दूध, मिठाई, ड्राई फ्रूइट्स और शृंगार का सामान होता है। सरगी में अधिक ऑयली या टली- भुनी चीजों के सेवन से बचें।
करवा चौथ व्रत के नियम
- करवा चौथ का व्रत निर्जला रखें
- करवा चौथ व्रत का संकल्प जरूर लें
- व्रत में मन में शांति रखें
- वाद- विवाद से बचें
- गुस्सा करने से बचें
- किसी की बुराई न करें
- किसी का दिल न दुखाएं न ही किसी को अपशब्द कहें
- ब्रह्मचर्य का पालन करें
- प्रदोष काल में पूजा, कथा का पाठ करें, पूजा में सात बार करवा बदला जाता है।
- व्रत का पारण विधिवत करें
करवा चौथ व्रत में क्या करें?
दान करें- करवा चौथ के व्रत में दान- पुण्य करना हुभ माना गया है। इस दिन किसी जरूरतमंद को भोजन, वस्त्र, जल, अन्न या धन का दान कर सकते हैं।
बड़ों का आशीर्वाद लें- पूजा समाप्त करने के बाद घर के बड़े- बुजुर्गों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें।
करवा चौथ व्रत में क्या न करें?
करवा चौथ का व्रत रखा हो या न रखा हो इस दिन भूलकर भी काले, नीले, भूरे या सफेद रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इस दिन शुभता बढ़ाने के लिए मरून, लाल, पीला, गुलाबी और हरे रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। नुकीली या धार वाली चीजों का इस्तेमाल न करें।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
