निवेशकों को बड़ी राहत देने की तैयारी में सरकार, टैक्स के नियमों में होगा बदलाव

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LTCG Tax News: शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए आने वाले दिनों में बड़ी खबर सामने आ सकती है। केंद्र सरकार इक्विटी निवेश पर लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स के नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इस टैक्स व्यवस्था की समीक्षा कर रही है और आने वाले हफ्तों में इस पर फैसला हो सकता है। हालांकि, अभी तक सरकार ने टैक्स घटाने, नियम बदलने या इसे पूरी तरह खत्म करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
LTCG टैक्स में बदलाव क्यों करना चाहती है सरकार?

दरअसल, साल 2026 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी रकम निकाली है। इससे बाजार में विदेशी निवेश को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में सरकार यह देख रही है कि क्या मौजूदा टैक्स व्यवस्था में बदलाव करके भारतीय शेयर बाजार को विदेशी निवेशकों के लिए ज्यादा अट्रैक्टिव बनाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार भारत में लागू LTCG टैक्स की तुलना दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में लागू टैक्स व्यवस्था से कर रही है। इसका मकसद यह समझना है कि भारत में शेयरों से होने वाले मुनाफे पर लगने वाला टैक्स विदेशी निवेश को किस तरह प्रभावित करता है।
अभी शेयर बाजार में कितना लगता है LTCG टैक्स?

फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड शेयरों को बेचने पर होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर 12.5% टैक्स लगता है। हालांकि, एक वित्त वर्ष में ऐसे शेयरों से होने वाले कुल पात्र मुनाफे में से 1.25 लाख रुपये तक की रकम पर LTCG टैक्स नहीं लगता। इस सीमा से ज्यादा मुनाफे पर लागू नियमों के मुताबिक टैक्स देना होता है। इस व्यवस्था में इंडेक्सेशन का फायदा भी नहीं मिलता। वहीं, अनलिस्टेड शेयरों यानी शेयर बाजार में लिस्ट नहीं होने वाली कंपनियों के शेयर बेचने पर होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर भी टैक्स लगता है। लेकिन यहां लिस्टेड शेयरों की तरह 1.25 लाख रुपये की छूट नहीं मिलती। बता दें कि टैक्स की दर इस बात पर निर्भर करती है कि शेयर किस तरह के हैं और उन पर कौन-से टैक्स नियम लागू होते हैं।
सरकार ने बाजार से जुड़े लोगों के साथ की चर्चा

रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार इस मुद्दे पर बाजार से जुड़े कई पक्षों के साथ बैठकें कर चुकी है। इनमें उद्योग जगत के प्रतिनिधि, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), बैंक और दूसरे रिलेटेड पार्टी शामिल हैं। इन बैठकों में मौजूदा LTCG टैक्स व्यवस्था और विदेशी निवेश पर इसके असर को लेकर चर्चा की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के भीतर यह समझ है कि भारतीय शेयर बाजार को प्रतिस्पर्धी बनाने और विदेशी निवेश अट्रैक्ट करने के लिए टैक्स व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत हो सकती है। हालांकि, इन चर्चाओं के आधार पर अभी यह कहना सही नहीं होगा कि सरकार LTCG टैक्स जरूर घटाने वाली है। फिलहाल अलग-अलग प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है।
2026 में विदेशी निवेशकों ने निकाले ₹3.1 लाख करोड़

भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी भी सरकार की चिंता की एक वजह है। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 3.1 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं। यह रकम साल 2025 के पूरे साल में निकाले गए 1.7 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। विदेशी निवेशकों की इस निकासी के बाद यह चर्चा तेज हुई है कि आखिर भारतीय बाजार में निवेश को प्रभावित करने वाले कारण क्या हैं। टैक्स के अलावा रुपये की कीमत में गिरावट भी विदेशी निवेशकों के रिटर्न पर असर डाल सकती है। ऐसे में सरकार यह समझने की कोशिश कर रही है कि मौजूदा टैक्स नियमों में बदलाव से विदेशी निवेश को अक्ट्रैक्ट करने में मदद मिल सकती है या नहीं।
क्या LTCG टैक्स पूरी तरह खत्म हो सकता है?

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 अक्टूबर को कहा था कि सरकार LTCG टैक्स हटाने को लेकर विचार और सुझाव सुनने के लिए तैयार है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार ने टैक्स खत्म करने का फैसला कर लिया है। फिलहाल टैक्स में कटौती, नियमों में बदलाव या इसे खत्म करने जैसे विकल्पों पर चर्चा की बात सामने आई है। अंतिम फैसला क्या होगा, यह अभी क्लियर नहीं है।
दूसरे देशों में शेयरों पर कितना लगता है कैपिटल गेन्स टैक्स?

सरकार भारत के LTCG टैक्स की तुलना दूसरे देशों की व्यवस्था से भी कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में कुछ परिस्थितियों में शेयरों से होने वाले मुनाफे पर कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं लगता। ब्रिटेन, सिंगापुर, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जापान और कनाडा में भी कुछ स्थितियों में ऐसे मुनाफे पर टैक्स से छूट मिल सकती है। वहीं, चीन में कुछ खास शेयरों को कैपिटल गेन्स टैक्स से छूट मिलती है, जबकि कुछ अन्य शेयरों पर 10% टैक्स लागू होता है।

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