नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को महानवमी के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री को नमन करते हुए सभी लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर नड्डा ने देवी मां से देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य, अच्छे स्वास्थ्य और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।शारदीय नवरात्रि का नौवां दिन देवी सिद्धिदात्री की आराधना के लिए विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने भी इस पावन अवसर पर अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त करते हुए देशवासियों के कल्याण की कामना की।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए मां सिद्धिदात्री के चरणों में नमन किया। उन्होंने अपने संदेश में देवी मां की महिमा का उल्लेख करते हुए सभी नागरिकों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, ज्ञान और समृद्धि की कामना की।नड्डा ने अपने संदेश में लिखा, “शारदीय नवरात्रि के इस पावन नौवें दिन, मैं देवी दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप के चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूँ। ज्ञान की प्रतीक माँ सिद्धिदात्री से प्रार्थना है कि वे सभी को सुखमय जीवन और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करें।”उनका यह संदेश महानवमी के धार्मिक महत्व और जनकल्याण की भावना को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री ने देवी मां के आशीर्वाद से प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में खुशियां और सफलता आने की कामना की।
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री देवी दुर्गा का नौवां और अंतिम स्वरूप हैं। नवरात्रि के नौवें दिन इनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को ज्ञान, सफलता, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।धार्मिक ग्रंथों में मां सिद्धिदात्री को सभी सिद्धियों की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से उनकी उपासना करने वाले श्रद्धालुओं को जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।माता का यह स्वरूप ज्ञान, शक्ति और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण महानवमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं।
शारदीय नवरात्रि के अंतिम चरण में महानवमी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर कन्या पूजन और हवन करने की परंपरा भी प्रचलित है। श्रद्धालु छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन करते हैं और उन्हें भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है। महानवमी के अवसर पर मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन किया जाता है। कई स्थानों पर श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अष्टमी अथवा नवमी पर कन्या पूजन करते हैं।
जेपी नड्डा के शुभकामना संदेश में धार्मिक आस्था के साथ समाज के कल्याण और उज्ज्वल भविष्य की भावना भी प्रमुख रही। उन्होंने देवी मां से सभी के जीवन में सुख, ज्ञान और समृद्धि का आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना की।महानवमी का पर्व भारतीय संस्कृति में शक्ति, श्रद्धा और भक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार लोगों को सकारात्मक सोच, सद्भाव और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा देता है।केंद्रीय मंत्री नड्डा ने अपने संदेश के माध्यम से देशवासियों को महानवमी की शुभकामनाएं देते हुए मां सिद्धिदात्री की कृपा से सभी के जीवन में खुशहाली और सफलता आने की कामना की। उनके संदेश का मुख्य भाव यही रहा कि देवी मां का आशीर्वाद प्रत्येक नागरिक को प्राप्त हो और सभी का भविष्य सुखद एवं उज्ज्वल बने।
