महाष्टमी और नवमी कब है? जानें व्रत और कन्या पूजन का सही दिन, शुभ मुहूर्त और महत्व

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इस साल अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर कंफ्यूजन लग रही है। कुछ जो नवरात्र के व्रत रखते हैं, उनके यहां किसी के कन्या पूजन अष्टमी और किसी के कन्या पूजन नवमी के दिन होता है। जो अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं वो सप्तमी का व्रत रखते हैं। वहीं जो लोग नवमी को कन्या पूजन करते हैं, वो लोग अष्टमी का व्रत रखते हैं। ऐसे में सवाल यह आ रहा है कि सप्तमी कब है और अष्टमी कब है। किस दिन व्रत करना उत्तम हैं। दरअसल दोनों तिथियों का मान दो दिन हो रहा है। इसलिए लोगों में सप्तमी तिथि से कंफ्यूजन हो रहा है। आइए जानें ज्योतिर्विद डॉ दिवाकर त्रिपाठी का इस बारे में क्या कहना है।

कब है सप्तमी तिथि

ज्योतिर्विद डॉ दिवाकर त्रिपाठी के अ‌नुसार सप्तमी तिथि 17 अक्टूबर दिन शनिवार को होगा। इस दिन नवरात्र का सातवां दिन 17 अक्टूबर है। सप्तमी तिथि सूर्योदय पूर्व से लेकर रात में 5:53 बजे तक व्याप्त रहेगी। मां भगवती के सप्तम स्वरूप कालरात्रि का दर्शन पूजन किया जाएगा। अगर पूजा पंडालों में की प्रतिमा स्थापित करनी है तो सप्तमी तिथि 17 अक्टूबर दिन शनिवार को प्रातः काल 8:58 बजे से पूर्व पूजा पंडालो में देवी प्रतिमाओं का स्थापना कर लेनी चाहिए।

कब है अष्टमी तिथि, कब होगा कन्या पूजन

इस साल अष्टमी तिथि का मान18 अक्टूबर दिन रविवार को होगा। अष्टमी तिथि सूर्योदय पूर्व से लेकर अगले दिन 19 अक्टूबर दिन सोमवार को प्रातः 7:53 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि को लेकर सोमवार को पड़ रही है, वहीं पूरे दिन 18 अक्चूबर को पड़ रही है। उदयकालिक मान्यताओं के आधार पर देखा जाए तो नवरात्र में अष्टमी तिथि की वृद्धि हो रही है। ज्योतिर्विद की मानें तो महाष्टमी का व्रत 18 अक्टूबर दिन रविवार को ही किया जाएगा तथा 18 अक्टूबर को ही निशा पूजा भी की जाएगी। अष्टमी तिथि में कन्या पूजन करने वाले लोग भी 18 अक्टूबर को ही कन्या पूजन करेंगे। अष्टमी तिथि का पारण 19 अक्टूबर दिन सोमवार को दिन में 7:55 बजे के बाद किया जाएगा

कब है नवमी तिथि, कब होगा कन्या पूजन

19 अक्टूबर को सोमवार को प्रातः 07:53 बजे के बाद नवमी तिथि लग जाएगी,नवमी तिथि में कन्या पूजन करने वाले लोग कन्या पूजन 19 अक्टूबर को दिन में 7:53 के बाद से लेकर 20 अक्टूबर दिन मंगलवार की प्रातः 9:35 से पूर्व करेंगे। लेकिन परंतु नवरात्र व्रत से संबंधित हवन पूजा आदि का कार्य 19 अक्टूबर 2026 की सुबह 7:53 बजे से 20 अक्टूबर दिन मंगलवार की सुबह 9:35 बजे तक ही किया जाएगा।

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