रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बड़े बिल्डर्स से जुड़े कई ठिकानों पर GST विभाग की कार्रवाई से कारोबारी क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। विभाग की टीम पिछले दो दिनों से अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कार्रवाई कथित जीएसटी अनियमितताओं और टैक्स चोरी की सूचना के आधार पर की गई है।
बताया जा रहा है कि जीएसटी विभाग के करीब 7 अधिकारियों की टीम इस कार्रवाई में शामिल है। अधिकारियों ने बिल्डर्स से जुड़े कार्यालयों और अन्य परिसरों में पहुंचकर रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
चौबे कॉलोनी और आमानाका में भी कार्रवाई
GST विभाग की टीम ने रायपुर के चौबे कॉलोनी और आमानाका क्षेत्र में स्थित रेसिडेंशियल परिसरों में भी छापेमारी की। इन स्थानों पर अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन, प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज और GST से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने पुराने रिकॉर्ड के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों में मौजूद जानकारी को भी खंगाला। बताया जा रहा है कि जांच का उद्देश्य लेन-देन और GST रिटर्न में दर्ज जानकारी के बीच संभावित अंतर का पता लगाना है।
बोगस बिल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिलने की जानकारी
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज, कथित बोगस बिल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें कितनी वित्तीय अनियमितताएं हैं।
GST विभाग की टीम अलग-अलग रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। इसमें बिलिंग, खरीद-बिक्री, भुगतान, टैक्स से जुड़े दस्तावेज और अन्य कारोबारी लेन-देन की जानकारी शामिल हो सकती है।
दो दिनों से जारी है जांच
सूत्रों के अनुसार, विभाग की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। अधिकारियों की टीम अलग-अलग परिसरों में मौजूद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। बड़ी मात्रा में रिकॉर्ड होने के कारण जांच की प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है।
फिलहाल विभाग की ओर से कथित GST चोरी की कुल राशि या किसी अंतिम निष्कर्ष की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संभावित टैक्स चोरी की रकम को लेकर किसी निश्चित आंकड़े पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
जांच में किन बिंदुओं पर हो सकती है पड़ताल?
GST विभाग की जांच में सामान्य तौर पर कारोबार से जुड़े विभिन्न रिकॉर्ड का मिलान किया जाता है। इस कार्रवाई में भी अधिकारियों द्वारा कई पहलुओं की जांच की जा रही है।
- GST रिटर्न और वास्तविक कारोबारी लेन-देन का मिलान।
- बिल और इनवॉइस से संबंधित रिकॉर्ड की जांच।
- खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन।
- बैंकिंग और अन्य वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल।
- डिजिटल उपकरणों में मौजूद कारोबारी जानकारी की जांच।
- कथित बोगस बिलों की वास्तविकता का सत्यापन।
- अलग-अलग परिसरों से मिले दस्तावेजों के बीच आपसी मिलान।
कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
रायपुर में बड़े बिल्डर्स से जुड़े परिसरों पर हुई इस GST Raid के बाद अब जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है। विभाग द्वारा जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि वास्तव में कितनी GST अनियमितता हुई है और क्या किसी तरह की टैक्स चोरी सामने आती है।
फिलहाल GST विभाग की कार्रवाई जारी है। छापेमारी और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद विभाग की ओर से यदि कोई आधिकारिक जानकारी या कार्रवाई की पुष्टि की जाती है, तो मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
