पितृ पक्ष के 14 दिन इन गलतियों से बचें, जानें श्राद्ध के नियम

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पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से होगी। इस बार पितृ पक्ष 10 अक्टूबर तक चलेगा। यानी पूरे 14 दिन पितरों के श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए माने जाएंगे। हिंदू धर्म में इन दिनों का खास महत्व बताया गया है। मान्यता है कि पितृ पक्ष में पितरों का स्मरण करने और उनके नाम से दान-पुण्य करने से उनका आशीर्वाद मिलता है। श्राद्ध पक्ष में कुछ कामों को करने से बचने की परंपरा है। माना जाता है कि इन दिनों घर का माहौल शांत रखना चाहिए और खानपान में भी सात्विकता का ध्यान रखना चाहिए।
आइए जानते हैं पितृ पक्ष के दौरान किन 10 कामों से बचना चाहिए-
1. मांस-मदिरा से रहें दूर

पितृ पक्ष में मांसाहार और शराब का सेवन नहीं करने की सलाह दी जाती है। इन दिनों सात्विक भोजन करने की परंपरा है। घर में बनने वाले भोजन की शुद्धता का भी ध्यान रखा जाता है।
2. बाल और नाखून काटने से बचें

श्राद्ध पक्ष के दौरान बाल और नाखून काटने से बचने की मान्यता है। कई परिवारों में पूरे पितृ पक्ष के दौरान इसका पालन किया जाता है। हालांकि अलग-अलग जगहों पर परंपरा अलग हो सकती है।
3. शुभ कामों से दूरी रखें

पितृ पक्ष को मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय नहीं माना जाता। इसलिए इन दिनों विवाह, गृह प्रवेश या दूसरे बड़े शुभ आयोजन करने से बचने की परंपरा है।
4. घर में झगड़ा न करें

श्राद्ध पक्ष में घर का माहौल शांत रखने की सलाह दी जाती है। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना, बहस करना या परिवार में विवाद करना इन दिनों अच्छा नहीं माना जाता।
5. किसी का अपमान न करें

पितृ पक्ष में दान और सेवा का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में किसी गरीब, बुजुर्ग, जरूरतमंद या दूसरे व्यक्ति का अपमान करने से बचना चाहिए।
6. झूठ और छल-कपट से बचें

इन दिनों पूजा-पाठ और तर्पण के साथ अपने व्यवहार पर भी ध्यान देने की बात कही जाती है। झूठ बोलना, किसी को धोखा देना या गलत तरीके से पैसा कमाना जैसी चीजों से दूरी रखने की सलाह दी जाती है।
7. भोजन की बर्बादी न करें

श्राद्ध के दौरान बनाए गए भोजन को बर्बाद नहीं करना चाहिए। मान्यता के अनुसार पितरों के नाम से भोजन और दान करने की परंपरा है। इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन कराना भी पुण्य माना जाता है।
8. नशे से पूरी तरह दूरी रखें

शराब के अलावा दूसरे नशीले पदार्थों से भी इन दिनों दूर रहने की सलाह दी जाती है। पितृ पक्ष में सात्विक जीवनशैली अपनाने की परंपरा रही है।
9. श्राद्ध की तिथि न भूलें

जिस तिथि को परिवार के किसी सदस्य का निधन हुआ है, उसी तिथि के अनुसार श्राद्ध करने की परंपरा है। इसलिए पितृ पक्ष शुरू होने से पहले श्राद्ध की तिथि जरूर देख लें। तिथि को लेकर भ्रम हो तो पंचांग की मदद ली जा सकती है।
10. दिखावे के लिए खर्च न करें

पितृ पक्ष में दान-पुण्य को अपनी सामर्थ्य के अनुसार करने की बात कही गई है। इसके लिए दिखावा या जरूरत से ज्यादा खर्च करना जरूरी नहीं है।

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