सीएम साय का सख्त निर्देश: जल जीवन मिशन के काम मिशन मोड पर पूरे करो, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

प्रादेशिक मुख्य समाचार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं करने, योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और लापरवाही सामने आने पर तत्काल समाधान के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के बीच सरायपाली विकासखंड में जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के तहत किए गए कार्यों की गुणवत्ता, अधूरे निर्माण और पेयजल आपूर्ति की स्थिति को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में योजना के क्रियान्वयन की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज हो गई है।

भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई का इंतजार

स्थानीय स्तर पर जल जीवन मिशन के कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप हुए हैं या नहीं और कहीं सरकारी राशि का दुरुपयोग तो नहीं हुआ।

ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जांच में गुणवत्ताविहीन कार्य, लापरवाही या भ्रष्टाचार प्रमाणित होता है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों पर कार्रवाई कब होगी?जल जीवन मिशन सीधे ग्रामीण परिवारों के जीवन से जुड़ी योजना है। ऐसे में कागजों में कार्य पूर्ण दिखाने के बजाय धरातल पर पानी की वास्तविक उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। कार्यों की तकनीकी जांच, स्थल निरीक्षण और भुगतान की प्रक्रिया की समीक्षा से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जल जीवन मिशन के कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा का तत्काल समाधान किया जाए और गुणवत्ता से समझौता न हो।

अब सरायपाली क्षेत्र के ग्रामीणों को उम्मीद है कि इन निर्देशों के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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