शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में बच्चों की सेहत से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। कलेक्टर बंगले पर एक्सपायरी प्रोटीन पाउडर पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने कोर्ट रोड स्थित शिव मेडिकल स्टोर पर छापामार कार्रवाई की। जांच के बाद मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर बंगले के लिए दिए गए प्रोटीन पाउडर के डिब्बे की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। बच्चों के इस्तेमाल से जुड़े इस उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश जारी किए।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
एक्सपायरी प्रोटीन पाउडर का मामला सामने आने के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यानी सीएमएचओ और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।
निर्देश मिलते ही विभागों की संयुक्त टीम कोर्ट रोड स्थित शिव मेडिकल स्टोर पहुंची। टीम ने दुकान में रखे स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों और प्रोटीन पाउडर की जांच की। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर दुकान को सील करने की कार्रवाई की गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों में भी हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच में यदि और गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
बच्चों के लिए था प्रोटीन पाउडर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर बंगले पर पहुंचाया गया प्रोटीन पाउडर बच्चों के इस्तेमाल के लिए था। ऐसे में एक्सपायरी उत्पाद की सप्लाई को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी एक्सपायरी खाद्य या पोषण उत्पाद का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसकी गुणवत्ता और प्रभाव खत्म होने के साथ-साथ कुछ परिस्थितियों में यह शरीर पर प्रतिकूल असर भी डाल सकता है।
हालांकि, इस मामले में बच्चों ने एक्सपायरी प्रोटीन पाउडर का सेवन किया था या नहीं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मेडिकल स्टोर में मिली अनियमितता
संयुक्त जांच टीम ने शिव मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आई अनियमितताओं के आधार पर दुकान को सील कर दिया गया। फिलहाल प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दुकान में कितनी मात्रा में एक्सपायरी प्रोटीन पाउडर मिला और उसके खिलाफ आगे कौन-कौन सी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम अब यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि—
- एक्सपायरी प्रोटीन पाउडर की सप्लाई कब की गई थी।
- उत्पाद की एक्सपायरी डेट की जांच किस स्तर पर नहीं हुई।
- मेडिकल स्टोर में अन्य एक्सपायरी उत्पाद भी रखे थे या नहीं।
- प्रोटीन पाउडर की खरीद और वितरण की प्रक्रिया में किसकी लापरवाही रही।
- क्या इस मामले में संबंधित सप्लायर की भी जांच होगी।
सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दवाओं, पोषण उत्पादों और बच्चों के इस्तेमाल से जुड़ी सामग्री की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन गंभीर है।
मेडिकल स्टोर संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों को केवल वैध, सुरक्षित और एक्सपायरी डेट के भीतर आने वाले उत्पाद ही उपलब्ध कराएं। किसी भी स्वास्थ्य उत्पाद को बेचने से पहले उसकी पैकिंग, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट की जांच करना जरूरी है।
आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर
फिलहाल शिव मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। अब विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में जानबूझकर एक्सपायरी उत्पाद बेचने या सप्लाई करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य उत्पादों की गुणवत्ता और मेडिकल स्टोरों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की कार्रवाई से यह संदेश जरूर गया है कि बच्चों और आम लोगों की सेहत के साथ लापरवाही करने वालों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा।
