मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने आइसक्रीम कैटेगरी में एंट्री करने का ऐलान किया है। यह नया ब्रांड ‘बॉम्बे क्रीमरी’ का है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की FMCG कंपनी रिलायंस कंज्यूमर ने बताया कि बॉम्बे क्रीमरी असली डेयरी इंग्रीडिएंट्स से बनी है और इसे भारत के पहले किफायती प्रीमियम डेयरी ब्रांड के तौर पर पेश किया गया है। कंपनी ने बताया कि बॉम्बे क्रीमरी रेंज में कोन, कप, टब, बार और स्टिक जैसे कई तरह के आइसक्रीम ऑप्शन शामिल हैं। इनकी कीमत 10 रुपये से शुरू होती है। रिलायंस कंज्यूमर ने बताया कि यह ब्रांड फिलहाल पश्चिमी भारत में उपलब्ध होगा और बाद में इसे पूरे भारत में लॉन्च किया जाएगा।
क्या कहा कंपनी के डायरेक्टर ने?
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के डायरेक्टर टी. कृष्णकुमार ने कहा कि यह ब्रांड इस सोच के साथ बनाया गया है कि डेयरी प्रोडक्ट्स में शॉर्टकट की जरूरत नहीं होनी चाहिए। कृष्णकुमार ने कहा, “RCPL सिर्फ आइसक्रीम कैटेगरी में एंट्री नहीं कर रही है बल्कि हम इसके लिए पूरी तरह कमिटेड हैं। असली डेयरी क्रीम से बनी बॉम्बे क्रीमरी हर बार असली आइसक्रीम के असली स्वाद का वादा करती है और इसकी कीमत ऐसी है जिसे हर भारतीय परिवार आसानी से चुका सकता है।” बता दें कि कंपनी साल 2023 से ही इस सेगमेंट में एंट्री की योजना बना रही थी। हालांकि, अब तीन साल बाद इसे अमल में लाया गया है।
रिलायंस रिटेल का प्लान?
रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड ने अगले तीन साल में अपने ऑनलाइन कारोबार का तेजी से विस्तार करने की योजना बनाई है। कंपनी जियोमार्ट को मजबूत करने, डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़ाने और अपनी ओम्नी-चैनल क्षमताओं को और बेहतर बनाने पर जोर देगी। कंपनी का मानना है कि इन निवेश का असर आने वाले वर्षों में बेहतर मुनाफे और आय वृद्धि के रूप में दिखाई देगा।
बीते दिनों कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) दिनेश तलुजा ने बताया था, ”हमारी इस साल अपने ऑनलाइन कारोबार को तेजी से बढ़ाने की योजना है। हम डार्क स्टोर का विस्तार करेंगे। अपने ओम्नी चैनल मंच को आगे बढ़ाएंगे। जियोमार्ट की वृद्धि को तेज करेंगे।”
उन्होंने बताया कि कंपनी हर बाजार में सकारात्मक ‘यूनिट इकॉनमिक्स’ पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यूनिट इकॉनमिक्स यह पता लगाने की प्रक्रिया है कि कंपनी एक चीज बेचकर कितना कमा या गंवा रही है। तलुजा के अनुसार, वित्त वर्ष 2027-28 और 2028-29 तक कंपनी का लक्ष्य अपने मौजूदा विस्तार को बेहतर मूल्य में बदलना है। इसके लिए ग्राहकों की दोबारा खरीदारी और खरीदारी की औसत राशि बढ़ाने पर काम किया जाएगा। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में अपनी परिचालन कर-पूर्व आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
