भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 10 अगस्त का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित ‘आभार प्रदर्शन समारोह’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर हुई पदोन्नतियों और नई भर्तियों का जिक्र करते हुए पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाए, सरकार उनके परिवार और कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
कार्यक्रम में नई भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जबकि पदोन्नत अधिकारियों और कर्मचारियों को बैज लगाकर सम्मानित किया गया।
27,534 पुलिसकर्मियों को मिला प्रमोशन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में 27 हजार 534 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया है। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे पुलिसकर्मियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।
हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होने में समय लगा और इस दौरान करीब 20 हजार पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
कार्यक्रम में 30 रक्षित निरीक्षकों को उप पुलिस अधीक्षक यानी डीएसपी के पद पर पदोन्नति मिलने का भी उल्लेख किया गया।
खंडवा में बनेगी नई पुलिस बटालियन
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी।
इसके अलावा राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के रूप में तीन नई बटालियन गठित करने की बात भी कही गई है। इन नई बटालियनों में अति पिछड़ी जातियों के साथ बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों की कंपनियां शामिल की जाएंगी।
दो साल में पूरी होगी लंबित भर्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न पुलिस संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एसएएफ की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
वर्ष 2026 में अलग-अलग पदों पर 9,751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य आगामी दो वर्षों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के शेष पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया पूरी करना है।
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया और कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ा रहा है।
पुलिस बल में लगातार बढ़ रही ताकत
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने बताया कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार की भर्ती के लिए वर्ष 2025 में नए नियम बनाए गए। मुख्यमंत्री ने 7,500 नए पदों पर भर्ती की मंजूरी दी थी।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग में 18 हजार से अधिक नई नियुक्तियां की गई हैं। इन नई भर्तियों से अपराध नियंत्रण और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस की भूमिका
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश पुलिस की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस ने चंबल क्षेत्र में दस्यु समस्या खत्म करने और प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 पदों पर भर्ती की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रहा है।
सिंहस्थ 2028 के लिए भी तैयार होगा पुलिस बल
उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ 2028 मध्यप्रदेश के लिए बड़ा आयोजन होगा। देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस की बड़ी भूमिका रहेगी।
नई भर्ती के बाद प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मी सिंहस्थ की सुरक्षा व्यवस्था में भी तैनात किए जा सकेंगे। इसके अलावा नवीन आपराधिक कानूनों के तहत जांच को मजबूत करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल में नई भर्ती की मंजूरी भी दी गई है।
पदोन्नति से पुलिसकर्मियों का बढ़ा मनोबल
कार्यक्रम में पदोन्नत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उज्जैन में पदस्थ डीएसपी दीपिका शिंदे ने कहा कि पदोन्नति केवल पद बढ़ने का विषय नहीं है, बल्कि इससे वर्षों की सेवा को सम्मान मिलता है।
निरीक्षक रीना चौहान ने कहा कि पदोन्नति से कर्मचारियों में नई ऊर्जा और जिम्मेदारी की भावना पैदा होती है। वहीं प्रशिक्षु डीएसपी विनय कुमार डहरवाल ने कहा कि खाकी वर्दी पहनकर देश और समाज की सेवा करना उनके लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी और समर्पण से निभाए, सरकार उनके परिवार के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी। सरकार की ओर से नई भर्तियों, पदोन्नति और नई बटालियनों की घोषणाओं को पुलिस बल के विस्तार और मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
