मानसून सिर्फ गर्मी से राहत नहीं दिलाता बल्कि इस सीजन में कई बीमारियां भी शरीर को घेरने लगती हैं। बुखार, खांसी, जुकाम, सर्दी और साथ में आई फ्लू का खतरा भी। आई फ्लू जिसे हम कंजंक्टिवाइटिस भी कहते हैं। इसमें आंखों में दर्द, जलन, लाल होना, पानी बहना जैसी कई तकलीफें होती हैं। मौसम में नमी, वायरस और बैक्टीरिया की सक्रियता बढ़ने के कारण इसके मामले अचानक बढ़ जाते हैं। अगर आपको आंखों में किसी भी तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हो तो फौरन डॉक्टर से मिलना चाहिए। कई बार आई फ्लू खतरनाक भी हो सकता है और ये एक से दूसरे व्यक्ति को भी हो सकता है। चलिए जानते हैं इसके कारण और बचाव के तरीके।
क्या होता है कंजंक्टिवाइटिस?
कंजंक्टिवाइटिस, जिसे आम बोलचाल में आई फ्लू (Eye Flu) या पिंक आई (Pink Eye) भी कहा जाता है, यह आंख की कंजंक्टाइवा में होने वाली सूजन या संक्रमण है। कंजंक्टाइवा वह पतली, पारदर्शी झिल्ली होती है जो आंख के सफेद हिस्से और पलकों की अंदरूनी सतह को कवर करती है। जब इसमें संक्रमण या एलर्जी होती है, तो आंखें लाल हो जाती हैं और उनमें जलन, खुजली या पानी आने लगता है। मानसून के दौरान नमी और संक्रमण फैलाने वाले वायरस अधिक सक्रिय हो जाते हैं। साथ ही भीड़भाड़, गंदे हाथों से आंखों को छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
5 लक्षण क्या होते हैं
1. आंखों का लाल होना- यह सबसे आम लक्षण है। कंजंक्टाइवा में सूजन आने से आंखों का सफेद हिस्सा गुलाबी या लाल दिखाई देने लगती है।
2. आंखों से लगातार पानी आना- संक्रमण के कारण आंखों से सामान्य से ज्यादा आंसू निकलते हैं। कई लोगों में पानी के साथ चिपचिपा डिस्चार्ज भी हो सकता है।
3. खुजली, जलन या किरकिराहट होना- ऐसा लगता है जैसे आंख में धूल या रेत का कण फंस गया हो। आंखों में जलन और असहजता बनी रहती है।
4. चिपचिपा डिस्चार्ज और सूजन- खासकर बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस में पीला, सफेद या हरा डिस्चार्ज निकल सकता है। सुबह उठने पर पलकें आपस में चिपकी हुई मिल सकती हैं। साथ ही पलक वाले हिस्से में सूजन हो सकती है।
5. रोशनी से परेशानी- तेज रोशनी चुभ सकती है और आंखों में अस्थायी धुंधलापन महसूस हो सकता है। अगर धुंधलापन ज्यादा हो या तेज दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इस दौरान मोबाइल, टीवी कम देखें।
बचाव कैसे करें
कंजंक्टिवाइटिस से बचाव किया जा सकता है, अगर आप थोड़ी सी सावधानी बरतें। डॉक्टर का कहना है कि लोग कंजंक्टिवाइटिस होने के बाद भी कुछ लापरवाही करते हैं, जिससे ये समस्या कई दिनों तक बनी रहती है। चलिए आपको बताते हैं इससे बचाव कैसे करें?
- इंफेक्शन होने पर गंदे हाथों से बार-बार आंखों को न छुएं। इसके अलावा किसी और का तौलिया, रुमाल इस्तेमाल करने से बचें।
- कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों को संक्रमण ठीक होने तक लेंस नहीं पहनना चाहिए। इससे चुभन ज्यादा बढ़ेगी।
- कंजंक्टिवाइटिस से बचने के लिए आंखों की सफाई का ध्यान रखें। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं।
- अगर आंखों में दर्द, चुभन, जलन जैसी तकलीफ हो तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।
