‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ पर रोक लग गई है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मेकर्स को फटकार लगाई है और उन्हें तुरंत इस फिल्म से जुड़े सारे लिंक्स हटाने के आदेश दिए हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के पक्ष में फैसला सुनाया है। दरअसल, एक फिल्म बन रही थी जिसका नाम ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ था। सलमान ने इस फिल्म के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और फिल्म पर रोक लगाने की मांग की। सोमवार के दिन कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए मेकर्स को फिल्म से जुड़े लिंक्स सोशल मीडिया से तुरंत हटाने के निर्देश जारी किया है।
कोर्ट ने लगाई फटकार
सुनवाई के दौरान अदालत ने फिल्म के निर्माता अमित जानी को कड़ी फटकार लगाई और सख्त लहजे में सवाल किया। कोर्ट ने कहा, ‘पिछली बार कोई आदेश नहीं दिया था इसलिए लगता है आपकी हिम्मत बढ़ गई है। ऐसा लगता है कि आप खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। आपका व्यवहार दिन-ब-दिन बिगड़ता जा रहा है। आप किसी आम नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं कर सकते।’
अदालत में क्या हुए तर्क-वितर्क?
सलमान खान की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि ब्लैकबक से जुड़े चार मामलों में से तीन में सलमान को बरी कर दिया गया था, जबकि चौथे मामले में सजा पर रोक लगा दी गई थी। वकील ने ये भी आरोप लगाया कि फिल्म के जरिए पूरे समुदाय को अभिनेता के खिलाफ करने की कोशिश की जा रही है।
निर्माता अमित जानी के वकील ने अपना बचाव करते हुए कहा कि जारी किए गए टीजर में सलमान खान का कोई प्रत्यक्ष जिक्र नहीं है। साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि टीजर में किसी भी प्रकार की AI या डीपफेक तकनीक का उपयोग नहीं किया गया है।
उच्च न्यायालय का कड़ा रुख
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने निर्माता के रवैये पर नाराजगी जताई और सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दिया कि वे इस फिल्म से जुड़े संबंधित लिंक्स और कंटेंट को प्लेटफॉर्म से हटा दें ताकि भ्रामक जानकारी को फैलने से रोका जा सके।
‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ के बारे में
‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ को अमित जानी ने प्रोड्यूस किया है। जब से ये फिल्म अनाउंस हुई है तभी से ही विवादों में है। सलमान खान ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि ये फिल्म उनके ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ का उल्लंघन कर रही है। सलमान ने इसके रिलीज या प्रमोशन पर रोक लगाने की मांग की। उनका तर्क था कि इस फिल्म की वजह से जनता की राय पर बुरा असर पड़ सकता है। वहीं, मेकर्स का कहना था कि फिल्म में सलमान खान का नाम नहीं लिया गया है और ये सार्वजनिक रूप से उपलब्ध घटनाओं पर आधारित है।
