NEET विवाद और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी कड़ी में सोमवार को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जेपी नड्डा को एक लिखित पत्र सौंपा। मुलाकात के दौरान नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को लेकर आंतरिक स्तर पर बातचीत की जाएगी।
दो घंटे इंतजार के बाद हुई मुलाकात
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने के लिए करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि इसके बाद आशुतोष रांका और उन्होंने जेपी नड्डा से उनके आवास पर करीब 10 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आंदोलन से जुड़ी मांगों का पत्र सौंपा।
सौरव दास के अनुसार:
- प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा।
- जेपी नड्डा ने मामले पर आंतरिक चर्चा का आश्वासन दिया।
- बातचीत की प्रक्रिया आगे जारी रहने की उम्मीद है।
सरकार ने बातचीत के लिए किया था संपर्क
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार की ओर से सोमवार सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया गया था। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मिलने के लिए रवाना हुआ।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उनकी मांगें स्पष्ट हैं और बड़ी संख्या में युवा इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े इस मुद्दे पर संगठन अपनी मांगों को मजबूती से रख रहा है और उन्हें उम्मीद है कि उनकी बातों पर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें?
NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शनकारी कई मांगें उठा रहे हैं।
मुख्य मांगों में शामिल हैं:
- परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
- कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच हो।
- छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
- शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं।
- जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
जंतर-मंतर पर जारी था आंदोलन
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा सुधारों को लेकर आंदोलन चल रहा था। इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से CJP से बातचीत शुरू करने की पहल की गई।
इससे पहले CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया था। संगठन का कहना है कि छात्रों के हितों और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर ठोस कदम उठाना जरूरी है।
आगे की रणनीति पर नजर
जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद अब सभी की नजर सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर है। CJP प्रतिनिधिमंडल ने साफ किया है कि वह अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाता रहेगा।
वहीं, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच शुरू हुई बातचीत से समाधान की संभावनाएं बढ़ी हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार की ओर से इस मामले में क्या निर्णय लिया जाता है।
