भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। पहले मुकाबले में भारत की जीत के बाद इंग्लैंड ने दूसरे मैच में शानदार वापसी कर सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। अब सभी की नजरें लॉर्ड्स में होने वाले निर्णायक मुकाबले पर हैं।
इस सीरीज में जहां भारत के लिए श्रेयस अय्यर ने शानदार बल्लेबाजी की है, वहीं इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज Joe Root भारतीय गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। सबसे खास बात यह है कि शुरुआती दोनों मैचों में रूट एक बार भी आउट नहीं हुए हैं और लगातार इंग्लैंड की पारी को संभालते रहे हैं।
209 गेंदों में 175 रन, अभी तक नहीं गंवाया विकेट
सीरीज के पहले दो मुकाबलों में Joe Root ने बेहद संयमित और प्रभावी बल्लेबाजी की है।
उनके आंकड़े बताते हैं कि:
- 2 मैचों में कुल 175 रन
- 209 गेंदों का सामना
- एक बार भी आउट नहीं हुए
- दो अर्धशतक
- टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला
रूट की यह निरंतरता भारतीय गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
पहले वनडे में संकटमोचक बने
बर्मिंघम में खेले गए पहले मुकाबले में इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम ने महज 107 रन तक अपने छह विकेट गंवा दिए थे।
ऐसे समय में Joe Root ने जिम्मेदारी संभाली और लियाम डॉसन के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की।
उन्होंने:
- 76 गेंदों में 76 रन बनाए।
- धैर्य के साथ पारी को संभाला।
- टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
हालांकि इस मुकाबले में भारत ने छह विकेट से जीत दर्ज कर ली थी।
दूसरे वनडे में शतक से चूके, लेकिन टीम को जिताया
कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में Joe Root ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी की।
उन्होंने:
- 133 गेंदों में नाबाद 99 रन बनाए।
- 9 चौके लगाए।
- आखिरी तक क्रीज पर टिके रहे।
- इंग्लैंड को चार विकेट से जीत दिलाई।
रूट के पास शतक पूरा करने का मौका था, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धि से ज्यादा टीम की जीत को प्राथमिकता दी।
शतक क्यों नहीं पूरा किया?
मैच के बाद Joe Root ने बताया कि उन्होंने साथी बल्लेबाज गस एटकिंसन से कहा था कि यदि जीत का मौका है तो मैच तुरंत खत्म करना चाहिए।
रूट ने कहा कि:
“टीम की जीत सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर विपक्ष ऐसा मौका देता है तो उसका फायदा उठाना चाहिए। रन चेज़ में आखिरी तक क्रीज पर रहकर टीम को जीत दिलाने से बेहतर एहसास कोई नहीं होता।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहा।
भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती
अब तक की सीरीज में भारतीय गेंदबाज Joe Root का विकेट लेने में सफल नहीं हो पाए हैं।
रूट ने:
- तेज गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य दिखाया।
- स्पिनरों के खिलाफ रन गति बनाए रखी।
- परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी की।
- दबाव में भी अपना विकेट नहीं गंवाया।
यही वजह है कि निर्णायक मुकाबले से पहले भारतीय टीम की रणनीति में रूट का विकेट सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
लॉर्ड्स में निर्णायक मुकाबले पर नजर
तीन मैचों की सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला अब लॉर्ड्स में खेला जाएगा।
सीरीज की स्थिति:
- पहला वनडे: भारत की जीत
- दूसरा वनडे: इंग्लैंड की जीत
- तीसरा वनडे: विजेता करेगा सीरीज अपने नाम
क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि क्या टीम इंडिया आखिरकार Joe Root का विकेट हासिल कर पाएगी, या फिर इंग्लैंड का यह अनुभवी बल्लेबाज एक और मैच जिताऊ पारी खेलकर अपनी टीम को सीरीज जिताएगा।
