बीपी का अचानक बढ़ना या कम होना कई लोगों को घबरा देता है। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय सही कदम उठाना जरूरी है। जानें मेदांता ग्रुप के डॉक्टर मयंक सिंह ने ऐसी स्थिति में क्या करने की सलाह दी है।
अचानक सिर भारी लगने लगे, तेज घबराहट हो, आंखों के सामने धुंधलापन आए या चक्कर महसूस होने लगें, तो सबसे पहले लोगों के मन में यही सवाल आता है कि कहीं ब्लड प्रेशर तो नहीं बिगड़ गया। ऐसे समय में कई लोग बिना जांच किए ही दवा खा लेते हैं या घबरा जाते हैं। लेकिन क्या हर बार ऐसा करना सही है?
मेदांता ग्रुप के डॉक्टर मयंक सिंह के अनुसार, ब्लड प्रेशर का एक बार बढ़ना या कम दिखना हमेशा खतरे की बात नहीं होती। सबसे जरूरी है कि पहले स्थिति को सही तरीके से समझा जाए और फिर सही कदम उठाया जाए। आइए जानते हैं कि अगर बीपी अचानक बढ़ जाए या कम होने लगे, तो सबसे पहले क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
अगर बीपी अचानक बढ़ जाए तो क्या करें?
- एक बार नहीं, तीन बार जांच करें: अगर आपको लगता है कि बीपी बढ़ा हुआ है, तो एक बार की जांच पर भरोसा ना करें। हर 15 मिनट के गैप में तीन बार चेक करें। अगर तीनों बार बीपी नॉर्मल से ज्यादा आता है, तभी उसे बढ़ा हुआ माना जाता है।
- हर बढ़ा हुआ बीपी खतरे की निशानी नहीं होता: डॉक्टर के अनुसार, कई बार बुखार, तनाव, चिंता या दर्द की वजह से भी कुछ समय के लिए बीपी बढ़ सकता है। ऐसे में तुरंत घबराने की जरूरत नहीं होती।
- रोजाना पैदल चलने की आदत रखें: अगर आपका बीपी अक्सर बढ़ जाता है, तो रोज लगभग 45 मिनट पैदल चलने की आदत डालें। यह आदत बीपी को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है।
खानपान में करें ये बदलाव
- तला हुआ और ज्यादा चिकनाई वाला खाना कम करें।
- भोजन में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें।
- नमक सीमित मात्रा में लें।
- तनाव कम करने के लिए रोज ध्यान करें।
अगर बीपी बहुत कम हो जाए तो क्या करें?
- हर कम रीडिंग खतरे की बात नहीं होती: डॉक्टर मयंक सिंह बताते हैं कि कई लोगों का रक्तचाप स्वाभाविक रूप से 90/60 या इससे थोड़ा कम हो सकता है। अगर व्यक्ति बिल्कुल सामान्य महसूस कर रहा है, तो इसे बीमारी नहीं माना जाता।
- कब समझें कि बीपी सच में कम है? अगर व्यक्ति को बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही है, बार-बार चक्कर आ रहे हैं या वह बेहोश हो गया है, तो यह गंभीर स्थिति हो सकती है।
- अगर किसी को चक्कर आ जाए तो क्या करें? सबसे पहले देखें कि व्यक्ति सांस ले रहा है या नहीं। उसकी पल्स भी चेक करें। अगर सांस सामान्य हैं, तो उसे करवट के बल लिटा दें। कुछ देर आराम करने दें।
- होश आने के बाद क्या करें? जब व्यक्ति सामान्य हो जाए, तो उसे पानी पिलाएं। अगर वह खा सकता है, तो थोड़ी मीठी चीज दें। इसके बाद डॉक्टर से सलाह जरूर लें, ताकि कारण का पता लगाया जा सके।
इन बातों का रखें खास ध्यान
- रक्तचाप की दवा बिना डॉक्टर की सलाह के बंद ना करें।
- घर में रक्तचाप मापने की मशीन हो, तो समय-समय पर जांच करते रहें।
- अचानक चक्कर, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी होने पर तुरंत अस्पताल जाएं।
- लगातार बढ़ा या कम बीपी इग्नोर ना करें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। बीपी बढ़ने या कम होने की स्थिति में अपनी मर्जी से दवा ना लें। किसी भी गंभीर लक्षण या परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
