अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर तहसील के सुखदेवपुर गांव में टूटी पुलिया अब केवल आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। बारिश के बीच बोझा, सुखदेवपुर, चंद्रपुर और आसपास के गांवों के बच्चे रोज फुलझर नदी पार कर खड़गवां स्थित स्कूल पहुंच रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई बच्चों को उनके स्वजन पीठ पर बैठाकर नदी पार करा रहे हैं, जबकि कई मासूम खुद ही जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।
कोयला परिवहन के भारी वाहन गुजरते रहे
ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों तक इसी पुलिया से एसईसीएल के कोयला परिवहन के भारी वाहन गुजरते रहे। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही और रखरखाव के अभाव में पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। बरसात शुरू होने से पहले ही पुलिया पूरी तरह जवाब दे गई, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया। यह पुलिया अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग को सोनगरा में अंबिकापुर-बनारस मार्ग से जोड़ती है। पुल टूटने के कारण एसईसीएल को भी कोयला परिवहन लंबी दूरी से करना पड़ रहा है, लेकिन सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है।
पुलिया नहीं बनने से समस्या लगातार बढ़ रही
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया नहीं बनने से समस्या लगातार बढ़ रही है। अभिभावक सुबह-शाम बच्चों को नदी पार कराने के लिए मजबूर हैं। कई बच्चे डर के कारण स्कूल जाने से भी कतरा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
पुल टूटने के बाद एसईसीएल ने वैकल्पिक रपटा बनाने का कार्य शुरू किया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण अधूरा है। बरसात में रपटे के ऊपर से पानी बहने के कारण यह भी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। आशंका है कि बच्चे फिसलकर नदी में बह सकते हैं।
पुल और सड़क की मरम्मत तक नहीं कराई गई
मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विद्यासागर सिंह ने कहा कि खदान शुरू होने के समय एसईसीएल ने सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करने का वादा किया था, लेकिन बाद में कंपनी ने गांवों की समस्याओं की अनदेखी की। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये का कोयला निकालने के बावजूद पुल और सड़क की मरम्मत तक नहीं कराई गई।
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जाम और विरोध प्रदर्शन किए गए
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल निर्माण की मांग को लेकर कई बार आंदोलन, सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन किए गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। आज तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो सका है।
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ग्रामीणों ने सरकार से की है मांग
ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन और एसईसीएल से तत्काल स्थायी पुल बनाने, बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और एसईसीएल की होगी।
