लंबे समय से वेतन और पेंशन बढ़ोतरी की राह देख रहें केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड ने सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। सरकार अगर इस मांग को मान लेती है, तो कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी और पेंशन में 283% तक का जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है।
सबसे पहले यह जान लें कि फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा किया जाता है। इससे पहले 7वें वेतन आयोग में केंद्र सरकार ने इसे 2.57 रखा था। अब एनसी-जेसीएम ने इसे बढ़ाकर 3.83 करने की मांग रखी है।
कैसे 283% तक बढ़ेगी सैलरी?
अगर केंद्र सरकार नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की मांग मान लेती है तो मौजूद मिनिमम बेसिक सैलरी रुपये 18,000 x 3.83 = 68,940 रुपये होगा जाएगा। वहीं, मिनिमम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 34,470 रुपये तक हो जाएगा। अगर ऐसा होता है, तो यह सैलरी और पेंशन में 283% तक की बढ़ोतरी को दर्शाता है। हालांकि, यह कर्मचारियों के संगठन द्वारा की गई मांग है, आखिरी फैसला सरकार लेगी।
क्या सच में 283% बढ़ेगी सैलरी?
एनसी-जेसीएम की मांग के बाद से 283% का आंकड़ा काफी सुर्खियों में है, लेकिन पिछले अनुभवों से समझा जा सकता है कि आमतौर पर कर्मचारियों की मांग से कम फिटमेंट फैक्टर तय करती है। एक्सपर्ट्स के अनुमान के मुताबिक, सरकार 1.8 से 2.86 के बीच फिटमेंट फैक्टर लागू कर सकती है। इसके अनुसार, असली बढ़ोतरी 13% से 35% रह सकती है, न कि 283 पतिशत। फिर यह आंकड़ा, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए काफी फायदेमंद होगा।
NC-JCM की अन्य प्रमुख मांगे
नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की मांगे केवल वेतन बढ़ोतरी तक सीमित नहीं है। केंद्रीय कर्मचारियों के संगठन की अन्य प्रमुख मांगों में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली, सैलरी लेवल को घटाकर सिर्फ 7 लेवल करना, हाउस रेंट अलाउंस 30% कराना, सालाना इंक्रीमेंट 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करना। इसके अलावा 30 साल की नौकरी में कम से कम 5 प्रमोशन सुनिश्चित करना शामिल है। इन मांगों पर सरकार की ओर से अभी तक कुछ भी अधिकारिक रूप से नहीं कहा गया है।
- ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली।
- वेतन लेवल को घटाकर सिर्फ 7 तक करना।
- हाउस रेंट अलाउंस (HRA) 30% करना।
- सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करना।
- 30 साल की नौकरी में 5 प्रमोशन सुनिश्चित करना।
कर्मचारियों को कब मिलेगा फायदा?
केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी के सुझाव को लेकर जनवरी 2025 में केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग की घोषणा की थी। हालांकि, 10 महीने के बाद 3 नवंबर, 2026 को औपचारिक रूप से इसका गठन किया गया। सरकार ने आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी, भले ही औपचारिक लागू होने में देरी होगी। संभावित तारीखों के अनुसार, 2027 कें आखिरी या 2028 के शुरुआत में कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

अगर 7वें वेतन आयोग की बात करें, तो उसमें फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिससे मिनिमम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये और अधिकतम 2,50,000 रुपये हो सकता था। वहीं। नए वेतन आयोग यानी की 8वें पे कमिशन के लिए प्रस्तावित 3.83 फैक्टर से मिनिमम बेसिक सैलरी 68,940 रुपये हो सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स यह अनुमान लगा रहे हैं कि असली फैक्टर 2.86 के आसपास रह सकता है, जिससे मिनिमम वेतन करीब 51, 480 रुपये बनता है।
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर समान रूप से लागू होंगी। जिस फिटमेंट फैक्टर से एक्टिव कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी, उसी फैक्टर से पेंशनर्स की पेंशन में भी इजाफा होगा। इसके साथ ही, पिछली तारीख (1 जनवरी, 2026) से एरियर भी दिया जाना संभव है।
