राज्यसभा ने आशा भोंसले, मोहसिना किदवई को दी श्रद्धांजलि

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नयी दिल्ली, राज्यसभा ने जानी-मानी पार्श्व गायिका आशा भोंसले और सदन की पूर्व सदस्य मोहसिना किदवई को गुरुवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में 01 जनवरी 1932 को जन्मीं श्रीमती किदवई ने कम उम्र में ही राजनीति में प्रवेश किया था और छह दशक तक इस क्षेत्र में सक्रिय रहीं। उन्हें उत्तर प्रदेश के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों की सदस्य रहने का अवसर मिला था। वह उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र में मंत्री के पदों पर भी रहीं।

श्रीमती किदवई का 94 वर्ष की उम्र में 08 अप्रैल 2026 को निधन हो गया था। उन्होंने साल 2004 से 2016 तक लगातार दो बार सदन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया।

सभापति ने कहा कि सामाजिक क्षेत्र और कमजोर वर्गों के उत्थान में श्रीमती किदवई का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके निधन से देश ने एक वरिष्ठ राजनेता, एक कुशल प्रशासक तथा एक उत्कृष्ट सांसद को खो दिया है।

श्रीमती आशा भोंसले का एक बेहतरीन पार्श्व गायिका के रूप में उल्लेख करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि आठ दशक से अधिक के अपने करियर में उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं में हजारों गीतों को अपनी आवाज दी जिसने भारतीय संगीत पर अमिट छाप छोड़ी। संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पद्म विभूषण, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समेत कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के सांगली में 08 सितंबर 1933 को जन्मीं श्रीमती भोंसले ने संगीत और सिनेमा के क्षेत्र में अपनी खास जगह बनायी। उनका 92 साल की उम्र में 12 अप्रैल को निधन हो गया था।

श्री राधाकृष्णन ने उन्हें भावी कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत और समर्पण, उत्कृष्टता तथा कलात्मक कुशलता का प्रतीक बताया और कहा कि उनके निधन से देश ने एक लोकप्रिय आवाज, एक अद्वितीय कलाकार तथा एक सांस्कृतिक प्रतिमान को खो दिया है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

इसके बाद सदन ने दोनों दिवंगत हस्तियों के सम्मान में कुछ देर मौन खड़े होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

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