ईरान का अमेरिकी विमानों पर कहर, ट्रंप के दावों की हवा निकाल दी

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ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। उनका कहना है कि तेहरान के आसमान पर अमेरिका का पूरा दबदबा है। लेकिन इसके उलट, ईरान लगातार अमेरिकी विमानों पर निशाना साध रहा है। ईरान ने दो अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर्स को मार गिराया है। यह सभी ईरान की टोह लेने निकले हुए थे। हालांकि यह भी एक तथ्य है कि ईरानी सेना, अमेरिकी सेना के मुकाबले कहीं नहीं ठहरती। लेकिन ईरान के इन हमलों से एक बात साबित हो रही है कि वह डोनाल्ड ट्रंप के दावों की हवा निकाल दे रहा है।

ईरान की थाह नहीं लगा पा रहा अमेरिका
असल में ईरान, इस युद्ध में गैरपारंपरिक तौर-तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। यह चीजें अमेरिका को चौंका रही हैं। हालांकि युद्ध दूसरे महीने में है, लेकिन अभी तक अमेरिका अभी तक ईरान की चालबाजियों की थाह नहीं लगा पाया है। बता दें कि शुक्रवार को एक अमेरिकी एफ-15ई ईगल लड़ाकू जेट को मार गिराने के बाद, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम को इसका क्रेडिट दिया। कुछ ही घंटों के बाद, एफ-15 की तलाश में निकले दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर पर भी गोलियां बरसाई गईं। हालांकि यह ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकल गए। एक अन्य अमेरिकी जेट, एक A-10 वारथॉग एयरक्राफ्ट भी कुवैत के ऊपर क्रैश हो गया।

ट्रंप को दिखाई हकीकत
ईरान के यह सभी हमले, अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रहे हैं। करीब 20 साल में यह पहली बार है जब दुश्मन ने अमेरिकी फाइटर जेट्स को मार गिराया है। अंतिम बार ऐसा साल 2003 में हुआ था। तब इराक में अमेरिकी युद्धक विमान मार गिराए गए थे। रणनीतिक तौर पर देखा तो यह ईरान का दबदबा दिखाता है। ईरान के आसमान पर बार-बार पूर्ण नियंत्रण के ट्रंप के दावे झूठे साबित होते जा रहे हैं। बता दें कि 24 मार्च को ट्रंप ने कहा था कि हमारे पास सचमुच ऐसे विमान हैं जो तेहरान और उनके देश के अन्य हिस्सों के ऊपर उड़ रहे हैं। वे इनका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते। लेकिन महज हफ्ते भर बाद, ईरान ने ट्रंप और दुनिया को हकीकत दिखा दी।

आखिर ईरान ऐसा कर कैसे रहा है
हालांकि ईरान ने अभी यह बताया नहीं है कि अमेरिकी विमानों को किसने गिराया। लेकिन विश्लेषकों का अनुमान है कि इसके पीछे माजिद इंफ्रारेड एयर डिफेंस सिस्टम या कंधे से चलने वाली मिसाइलें हो सकती हैं। इनका पता लगाना भी मुश्किल होता है। माना जा रहा है कि ईरान ने जो दो अमेरिकी फाइटर प्लेन्स गिराए हैं, वह बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भर रहे थे। इसलिए कंधे से चलने वाली मिसाइलों के लिए उन्हें निशाना बनाना आसान हो गया। वास्तव में, माजिद सिस्टम, सतह-से-हवा में मार करने वाला मिसाइल प्लेटफॉर्म है। माना जा रहा है कि अमेरिका के सबसे उन्नत विमान सिस्टम एफ-35 पर हमले में इसने भी भूमिका निभाई है।

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