भोपाल। मध्य प्रदेश वासियों के लिए राहत भरी खबर है। एमपी में 25 साल पुराना नियम अब बदलने जा रहा है। 2 से ज्यादा बच्चे वाले भी सरकारी नौकरी के पात्र होंगे। मोहन सरकार के अगले कैबिनेट बैठक में इसका प्रस्ताव पेश होगा।
2 से ज्यादा बच्चों वालों को सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव तैयार
सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 से ज्यादा बच्चों वालों को सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने विधि विभाग से परामर्श के बाद नियम में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति ने मंजूरी दे दी है। फैसले के बाद मोहन सरकार दो बच्चों की पाबंदी हटाएगी।
दिग्विजय सिंह की सरकार में किया गया था नियम का संशोशन
बता दें कि अब तक प्रदेश में 2 से ज्यादा बच्चा करने वाले परिजनों को सरकारी नौकरी नहीं मिलती थी। सन 2021 में दिग्विजय सिंह की सरकार ने सिविल सेवा नियम 1961 में संशोधन किया था। जिसमें कम बच्चे पैदा करने को प्रोत्साहन देने के लिए कहा गया था कि तीसरा बच्चा होने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। साथ ही, जो कर्मचारी पहले से सेवा में हैं और तीसरी संतान के जन्म के बाद, उनकी सेवा समाप्त कर दी जाती थी। इस कारण शिक्षक सहित अन्य संवर्ग के कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा।
स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य में बड़ी राहत मिली है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पहले ही यह पाबंदी हटाई जा चुकी है। प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाएगा।
