ट्रंप की चेतावनी: ईरान को जल्द हो जाना चाहिए ‘सीरियस’, नहीं तो कोई रास्ता नहीं बचेगा

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ट्रंप ने कहा है कि ईरानी बातचीत करने वाले बहुत अलग और अजीब हैं। वे हमसे डील करने की भीख मांग रहे हैं, जो उन्हें करना भी चाहिए क्योंकि वे मिलिट्री तौर पर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं, और उनके वापस आने का कोई चांस नहीं है।

अमेरिका के 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान ने मानने से इनकार कर दिया है। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर भड़क गए हैं। उन्होंने ईरान की ओर से बातचीत करने वालों को जल्द ही सीरियस होने के लिए कहा है, वरना फिर पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान की ओर से बातचीत करने वालों पर हमला बोला है।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, “ईरानी बातचीत करने वाले बहुत अलग और अजीब हैं। वे हमसे डील करने की भीख मांग रहे हैं, जो उन्हें करना भी चाहिए क्योंकि वे मिलिट्री तौर पर पूरी तरह खत्म हो चुके हैं, और उनके वापस आने का कोई चांस नहीं है; फिर भी वे सबके सामने कहते हैं कि वे सिर्फ हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। गलत!!! उन्हें जल्द ही सीरियस हो जाना चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, क्योंकि एक बार ऐसा हो गया, तो फिर पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं होगा, और यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं होगा।”

इससे पहले, ईरान ने बुधवार को पश्चिम एशिया में युद्धविराम के अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इजरायल व खाड़ी अरब देशों पर हमले तेज कर दिए। ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गयी। ईरान ने यह जवाबी हमले ऐसे समय में किये हैं, जब इजराइल ने तेहरान पर हवाई हमले किए और वाशिंगटन ने क्षेत्र में पैराट्रूपर्स व अधिक संख्या में मरीन सैनिकों की तैनाती की।

ईरान के सरकारी समाचार प्रसारक ‘प्रेस टीवी’ ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। प्रेस टीवी की यह खबर पाकिस्तान द्वारा ईरान को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद आई है। प्रेस टीवी ने अधिकारी के हवाले से बताया, “ईरान युद्ध तभी समाप्त करेगा जब वह ऐसा चाहेगा और जब उसकी शर्तें पूरी होंगी।” अधिकारी ने बताया कि तेहरान पश्चिम एशिया में अपने ‘जोरदार हमले’ जारी रखेगा।

ईरान को प्रस्ताव सौंपने वाले पाकिस्तान के दो अधिकारियों ने 15 बातों का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें प्रतिबंधों में राहत, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वापस लेना, मिसाइलों की सीमा तय करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है। होर्मुज एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिसके माध्यम से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल का निर्यात होता है। मध्यस्थता प्रयासों में शामिल मिस्र के एक अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव में सशस्त्र समूहों को ईरान के समर्थन पर प्रतिबंध शामिल हैं।

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