अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के संजय वन वाटिका में एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है. नगर स्थित संजय वन वाटिका में आवारा कुत्तों के हमले में बड़ी तादाद में हिरणों की मौत हो गई. संजय वन वाटिका के प्रभारी सहित 3 वनपाल और 1 वन रक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ ही डीएफओ अभिषेक जोगावत ने रेंजर, एसडीओ और डीएफओ को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक देर रात 4 आवारा कुत्ते वन वाटिका के शाकाहारी पशु बाड़ों में घुस गए और वहां सुरक्षित रखे गए हिरणों पर हमला कर दिया. कुत्तों ने हिरणों को बुरी तरह दौड़ाया और घायल कर दिया. इस हमले में कुल 14 हिरणों की मौत हो गई, जिनमें 6 कोटरा हिरण, 7 चीतल और 2 चौसिंघा शामिल हैं. ये सभी हिरण गंभीर रुप से घायल हो गए थे और मौके पर ही दम तोड़ दिया. इसके अलावा, एक अन्य घायल हिरण, जिसे पहले बचाया गया था. उसकी भी 20 मार्च 2026 की रात करीब 11:30 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही रात्रि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने कुत्तों को वहां से भगाया और वरिष्ठ अधिकारियों को खबर किया. वाटिका प्रबंधन ने घटना को दबाने के लिए पीछे जंगल में चुपचाप 14 हिरणों के शव को भी जला दिया. घटना की जानकारी मिलने पर डीएफओ अभिषेक जोगावत मौके पर पहुंचे. डीएफओ सरगुजा और एसडीओ अंबिकापुर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. बाड़े में एक हिरण का शव पाया गया, वहीं जंगल के पीछे हिरण को जलाने के सबूत सामने आए हैं.
इसके बाद वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अजीत पांडेय और स्थानीय चिकित्सकों की टीम द्वारा मृत हिरणों का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम के बाद सभी मृत हिरणों का संजय वन वाटिका के कक्ष क्रमांक 2580 में लकड़ी इकठ्ठा कर शाम 4:30 बजे विधिवत दाह संस्कार किया गया.
इस दौरान सीसीएफ सरगुजा, सीसीएफ (वन्यजीव), डीएफओ अंबिकापुर और एसडीओ अंबिकापुर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए वन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. संजय वन वाटिका के प्रभारी सहित 3 वनपाल और 1 वन रक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ ही रेंजर, एसडीओ और डीएफओ को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया गया है.
सूत्रों के मुताबिक इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में रेंजर, एसडीओ और डीएफओ पर भी सस्पेंशन की कार्रवाई हो सकती है. यह घटना वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है. साथ ही यह भी संकेत देती है कि वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए और अधिक सख्त और प्रभावी इंतजाम करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
वन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के तहत:
•डिप्टी रेंजर अशोक कुमार सिन्हा – सस्पेंड
•वनपाल ममता पोर्ते – सस्पेंड
•वनपाल प्रतिमा लकड़ा – सस्पेंड
•बीट गार्ड फुलमनी सिंह – सस्पेंड
वहीं, रेंजर अक्षपलक ऋषि को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है. लगातार 15 हिरणों की मौत से पार्क की देखरेख और वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
