गुड़ी पड़वा का त्योहार महाराष्ट्र में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। साथ ही लोग घरों को सजाकर रंगोली इत्यादि बनाते हैं। इस खास मौके पर कई पकवान भी बनते हैं। इस दिन को लोग नए साल की शुरुआत के रूप में मनाते हैं जोकि जीवन में खुशियां और पॉजिटिव एनर्जी लाता है। माना जाता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। बहुत लोग इस दिन घर में पूजा पाठ रखवाते हैं। वहीं इस दिन को दान-पुण्य के लिए भी खास माना जाता है। नीचे विस्तार से समझते हैं कि इस बार गुड़ी पड़वा कब है और इसकी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या हैं?
इस दिन है गुड़ी पड़वा
हर साल गुड़ी पड़वा का त्योहार चैत्र माह में प्रतिपदा तिथि पर होती है। इसी दिन चैत्र नवरात्रि का भी पहला दिन होता है। साथ ही पंचांग के हिसाब से गुड़ी पड़वा वाला दिन ही हिंदू नव वर्ष का प्रतीक माना जाता है। इस दिन को नई शुरुआत के रूप में देखा जाता है। इस साल गुड़ी पड़वा 19 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इस खास त्योहार पर लोग खुली जगह पर गुड़ी की स्थापना करते हैं। ये देखने में पताका जैसी होती है। आम तौर पर लोग अपने घरों की बालकनी में इसे स्थापित करते हैं और इसकी पूजा करते हैं। इस खास मौके पर नीम की पत्ती और मिश्री का भोग लगाया जाता है।
कब शुरु होगी प्रतिपदा तिथि?
पंचांग के हिसाब से प्रतिपदा तिथि का आरंभ कल यानी 19 मार्त की सुबह 6 बजकर 52 मिनट से हो रहा है। ये तिथि 20 मार्च की सुबह 4 बजकर 52 मिनट में खत्म हो जाएगी। चैत्र महीने में पड़ने वाली इस तिथि को बेहद ही खास माना जाता है क्योंकि इस दिन कई महत्वपूर्ण चीजें होती हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त
गुड़ी पड़वा में सुबह ही पूजा की जाती है। ब्रह्म मुहूर्त के बाद इस पूजा को करना फलदायी माना जाता है। चौघड़िया के शुभ मुहूर्त में गुड़ी पड़वा की पूजा की जाए तो ये अच्छा माना जाता है। इस शुभ मुहूर्त की शुरुआत सुबह 6 बजकर 53 मिनट से लेकर 7 बजकर 57 मिनट तक होगी। माना जाता है कि इस दिन कोई नई चीज खरीदना बेहद ही शुभ होता है। ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन हर मुहूर्त शुभ होता है।
गुड़ी पड़वा पर लगता है इन चीजों का भोग
1. साबूदाना खीर
2. पूरी चना
3. गुड़ और चने की दाल
4. पूरन पोली
5. मिठाइयां
6. नीम की पत्तियां और मिश्री
