विकास कार्य अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: सांसद रूपकुमारी चौधरी की दिशा समिति बैठक में हुई महत्वपूर्ण चर्चा

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महासमुंद। जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक आज जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी ने की। बैठक में जिले में संचालित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन की स्थिति एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक चातुरीनंद, जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, नगरीय निकायों के अध्यक्ष, प्रतिनिधि, सदस्य, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, सीईओ जिला पंचायत हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सांसद श्रीमती चौधरी ने विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रगति प्रतिवेदनों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि विकास कार्यों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप पालन प्रतिवेदन की भी समीक्षा की।

बैठक में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि हम सभी का मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि अधिक से अधिक नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को पहुंचाए ताकि अधिकतम लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्य शहरी क्षेत्रों और दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए। सांसद ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं और अनेक योजनाएं चल रही हैं, लेकिन इनका उद्देश्य तभी पूरा होगा जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर इन्हें धरातल पर उतारें। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र (आरसेटी) में अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आम जनता तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाने के साथ-साथ पात्र लोगों को इनका लाभ दिलाने के लिए व्यक्तिगत रूप से पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों में मुनादी कराकर चौपाल लगाएं और हितग्राहियों का चयन करें। सांसद ने ग्रामीण विकास, पंचायती राज, जल जीवन मिशन, शिक्षा, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास आदि की विस्तृत समीक्षा की।

दिशा समिति की अध्यक्ष के रूप में सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के तहत गांवों में भी कचरा प्रबंधन की ठोस पहल की आवश्यकता है। इससे गांवों में स्वच्छता और सफाई के प्रति दृष्टिकोण बदलेगा। उन्होंने खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत पिथौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ऑपरेशन जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आम नागरिकों के बीपी, शुगर चेक कराने अधिक संख्या में शिविर लगाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने बताया कि जिले में कुष्ठ उन्मूलन के लिए सर्वेक्षण कार्य जारी है और इसे लोगों के सहभागिता से ही मिटाया जा सकता है। जल संवर्धन के लिए मनरेगा अंतर्गत आजीविका डबरी, तालाब कुआं आदि के निर्माण के लिए प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि किसी भी शासकीय योजना का उद्देश्य आम जनता को अधिक से अधिक लाभान्वित करना है। विभागीय अधिकारी हितग्राहियों के चयन के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी मार्गदर्शन लेवें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के पश्चात प्रमाण पत्र वितरण, आदान सामग्रियों का वितरण में भी आवश्यक प्रचार-प्रसार कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेवें।

खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा में कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति बनाए रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए तथा क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं के क्रियान्वयन में प्राथमिकता दी जाए। सरायपाली विधायक चातुरीनन्द ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि शासन की किसी भी योजना का लाभ लेने हेतु किसी भी नागरिक, हितग्राही को अतिरिक्त राशि देने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे लोगों के विरुद्ध एफ आई आर करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि जिले में स्वीकृत वर्ष 2024-25 में स्वीकृत आवास 47260 के विरुद्ध 34078 आवास पूर्ण किया जा चुका है तथ्रर 13182 आवास प्रगतिरत है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में लक्ष्य 14176 के विरुद्ध 12017 आवास स्वीकृत किया गया है। साथ ही अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई ।

इस दौरान जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि स्कूल बसों में ओवर लोड की शिकायत नहीं आनी चाहिए। नियमित अंतरात में फिटनेस जांच आवश्यक है। उन्होंने वाहनों में जीपीएस लगाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर विनय लंगेह ने कहा कि दुर्घटना का एक कारण सड़कों में मवेशियों का जमवाड़ा भी है, प्रशासन द्वारा टीम लगाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंन कहा कि इसमें आम नागरिक एवं जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि आगामी 10 मार्च से ई-चालान की प्रक्रिया प्रारम्भ होगी। ट्रिपल सवारी, बिना हेलमेट, ओवरलोडेड, आवेर स्पीड जैसे यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सीसीटीवी कैमरा से निगरानी रखी जा रही है। जल्द ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ई-चालान की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपील किया कि सड़क दुर्घटना से बचने के लिए दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का एवं चार पहिया में सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। साथ ही अपने परिवार और नजदीकी रिश्तेदारों को भी अवगत कराएं। सांसद रूपकुमारी चौधरी ने भी अपील की है कि वाहन चलाते समय नशा न करें साथ ही हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि परिवहन विभाग आवश्यक दस्तावेज के साथ -साथ वाहन चलाने के अनुभव के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन्हें लाइसेंस दिया जा रहा है, उसे वाहन चलाना आता है।

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