भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बना हुआ है। दोनों देश अपनी-अपनी स्थिति पर अडिग हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ आज से लागू हो गया है। इस बीच, पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गहरी दोस्ती इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। 50 प्रतिशत टैरिफ लागू होने के बावजूद, श्रृंगला को भरोसा है कि दोनों देश जल्द ही एक पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौता कर सकते हैं।
हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रंप का जिक्र
श्रृंगला का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका ने भारत से आयातित वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगा दिया है, जिसका असर भारत के कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है। ‘हाउडी मोदी’ और ‘नमस्ते ट्रंप’ जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए श्रृंगला ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच का रिश्ता पुराना और मजबूत है। यह मित्रता ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही गहरी हुई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह रिश्ता व्यापार समझौते को जल्द और बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद करेगा।
श्रृंगला ने कहा कि मुझे विश्वास है कि भारत और अमेरिका जल्द ही एक संतोषजनक और पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) कर लेंगे, जो प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच की घनिष्ठ संबंध को दर्शाता है। यह रिश्ता ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही मजबूत है, जब ‘हाउडी मोदी’ और ‘नमस्ते ट्रंप’ जैसे आयोजन हुए थे। उन्होंने आगे कहा कि हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही अमेरिका के साथ एक ऐसा समझौता कर पाएंगे, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो और हमें राष्ट्रपति ट्रंप की अगली भारत यात्रा तक ले जाए।
वैकल्पिक बाजारों की ओर रुख
श्रृंगला ने बताया कि भारत टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और वैकल्पिक बाजारों की तलाश का सुझाव दिया। उन्होंने ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और यूएई के साथ भारत के मौजूदा एफटीए का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाली वस्तुओं पर 50% सीमा शुल्क देना होगा। हम इस प्रभाव को कम करने के लिए काम कर रहे हैं। एक तरीका है वैकल्पिक बाजार तलाशना। हमारे पास ऑस्ट्रेलिया, यूएई और यूके के साथ मुक्त व्यापार समझौते हैं, और हम यूरोपीय संघ के साथ भी एक समझौता करने के करीब हैं। इससे हम विभिन्न बाजारों तक पहुंच सकते हैं और अपने कुछ निर्यात को उन दिशाओं में मोड़ सकते हैं।
उन्होंने अमेरिका के साथ भारत के मजबूत संबंधों पर भरोसा जताया और कहा कि साझा मूल्यों और सिद्धांतों के आधार पर भारत इस टैरिफ मुद्दे को हल कर लेगा। उन्होंने कहा कि मैं इस रिश्ते पर भरोसा करता हूं। अमेरिका के साथ हमारे संबंध सबसे व्यापक और बहुआयामी हैं। इस रिश्ते की ताकत हमारे साझा मूल्य और सिद्धांत हैं, जो हमें किसी भी चुनौती से उबार देंगे। कि श्रृंगला ने अमेरिका में भारत के अगले राजदूत के रूप में सर्जियो गोर की नियुक्ति को ‘सकारात्मक कदम’ बताया। उन्होंने कहा कि भारत अन्य देशों के साथ सहयोग के माध्यम से सेमीकंडक्टर और दुर्लभ मृदा खनिजों जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि हम अमेरिका जैसे देशों के साथ मिलकर अपनी क्षमताएं विकसित कर रहे हैं। हम एक मजबूत सेमीकंडक्टर क्षमता और दुर्लभ पृथ्वी मिशन शुरू कर रहे हैं। हम अगले 20 वर्षों में खुद को विकसित होते देखते हैं, और उभरती प्रौद्योगिकियां इसका अहम हिस्सा हैं।
आज से 50 प्रतिशत टैरिफ लागू
ट्रंप द्वारा भारत से आयातित वस्तुओं पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ आज से लागू हो गया है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन टैरिफ्स से भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों के निर्यात में 70 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी टैरिफ से भारत के कुल निर्यात का 66 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित होगा, जिसका मूल्य 86.5 अरब अमेरिकी डॉलर है, जिसमें 60.2 अरब डॉलर की वस्तुओं पर 50 प्रतिशत या उससे अधिक शुल्क लगेगा। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में कपड़ा, रत्न और आभूषण, और झींगा निर्यात शामिल हैं। हालांकि, 27.6 अरब डॉलर मूल्य के लगभग 30 प्रतिशत निर्यात, जैसे दवाइयां, एपीआई और इलेक्ट्रॉनिक्स, शुल्क-मुक्त रहेंगे।
