शादी की सालगिरह हो या बच्चे की बर्थडे पार्टी, आप कभी-न-कभी होटल-रेस्त्रां में परिवार के साथ खाना खाने जरूर गए होंगे। होटल बड़ा हो या छोटा, वहां एक चीज बेहद कॉमन देखने को मिलती है और वो है खाने के बिल के साथ फ्री में सर्व की जाने वाली सौंफ-मिश्री। हर होटल या रेस्त्रां में ऐसा होना, क्या कोई खास परंपरा होती है या फिर इसके पीछे छिपी कोई खास वजह। आइए जानते हैं-
भोजन के बिल के साथ फ्री में क्यों परोसी जाती है सौंफ-मिश्री
पाचन को बनाए मजबूत
होटल का स्पाइसी और ऑयली फूड खाने के बाद पेट में भारीपन, गैस या अपच की शिकायत महसूस हो सकती है। ऐसे में सौंफ में मौजूद प्राकृतिक तेल (एनेथोल) पाचन रसों और एंजाइमों के स्राव को उत्तेजित करके भोजन का पाचन तेजी से और बेहतर तरीके से करने में मदद करता है। वहीं मिश्री पेट की ठंडक बनाए रखकर एसिडिटी की समस्या से बचाव करती है। यही वजह है कि होटल में खाना खाने आए हर ग्राहक को भोजन के बाद अच्छा फील करवाने के लिए सौंफ-मिश्री परोसी जाती है, ताकि उसे पाचन से जुड़ी कोई दिक्कत महसूस ना हो।
सांसों को रखें फ्रेश
मसालेदार भोजन, खासकर जिसमें लहसुन और प्याज हों, सांसों में दुर्गंध पैदा कर सकता है। लेकिन सौंफ में मौजूद नेचुरल ऑयल मुंह की दुर्गंध को दूर कर फ्रेशनेस का अहसास करवाते हैं। वहीं मिश्री मुंह की सफाई करके बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती है। यही वजह है कि सौंफ-मिश्री को नेचुरल माउथ फ्रेशनर कहा जाता है।
मीठे की क्रेविंग रखें कंट्रोल
जरूरत से ज्यादा मीठा खाने से सेहत को नुकसान होता है। लेकिन ज्यादातर भारतीय घरों में लोगों को खाना खाने के बाद मीठा खाने की क्रेविंग होती है। ऐसे में सौंफ-मिश्री का सेवन आपको इस मीठे की क्रेविंग से दूर रखने में मदद करता है। यह बॉडी में शुगर लेवल कंट्रोल रखने का हल्का और सेहतमंद विकल्प है।
पोषक तत्वों के अवशोषण की क्षमता बढ़ाती है
सौंफ आंतों की सेहत को बेहतर बनाकर पोषक तत्वों के अवशोषण की क्षमता को बढ़ाती है। मिश्री इसके प्रभाव को संतुलित करके शरीर को एनर्जी देती है।
भारतीय परंपरा
भारतीय संस्कृति में भोजन के बाद मेहमानों का मुंह मीठा करवाने के लिए सौंफ-मिश्री सर्व करना मेहमान नवाजी का एक हिस्सा है। यह होटल या रेस्त्रां में भोजन करने के अनुभव को ग्राहकों के लिए बेहद सुखद बनाता है, जिससे ग्राहक संतुष्ट और खुश होकर अपने घर लौटें।
