कलेक्टर ने ली प्रेसवार्ता ‘‘आदि कर्मयोगी अभियान’’ के संबंध में मीडिया को दी जानकारी

प्रादेशिक मुख्य समाचार

कांकेर / कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज प्रेसवार्ता लेकर शासन द्वारा शुरू की गई ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जिले के 552 जनजातीय बाहुल्य ग्राम शामिल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया था, इसका प्रमुख उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों के विकास एवं कल्याण से जुड़े विभिन्न योजनाओं की संतृप्ति सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 10 जुलाई 2025 को ’आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ किया गया है। जिसकी परिकल्पना विश्व के सबसे बड़े जनजाति नेतृत्व आंदोलन के रूप में की गई है। यह अभियान बहु-विभागीय समन्वय और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
कलेक्टर ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत कांकेर जिले के 552 जनजातीय बाहुल्य ग्राम शामिल किए गए हैं। अभियान के तहत् जिला स्तर एवं ब्लॉक स्तर पर ट्रेनर तथा ग्राम स्तर पर कैडर जैसे- अशासकीय संस्थाएं, स्व-सहायता समूह, पंचायत सचिव, युवा, पंच, फ्रंटलाईन कर्मचारी एवं सेवाभावी संगठन एवं स्वयंसेवक तैयार किए जाएंगे। ये सभी जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में विभिन्न योजनाओं जैसे- धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, पीएम जनमन योजना, मूलभूत सुविधाएं जैसे- आवास, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार आदि के क्रियान्वयन, उपलब्धता एवं संतृप्तिकरण तथा भविष्य में आदिवासी ग्रामों के विकास हेतु ग्राम स्तर पर योजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।
इस अभियान के तहत् लाइन विभागों- वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग इत्यादि के साथ आदि कर्मयोगी अभियान पर उन्मुखीकरण एवं क्रियान्वयन हेतु आवश्यक पहल की जा रही है। अभियान अंतर्गत चिन्हांकित प्रत्येक ग्राम में ’आदि सेवा केन्द्र’ की स्थापना किया जाना है, इस सेवा केन्द्र से विभिन्न शासकीय सेवाओं को प्रदान किया जाएगा एवं विचार-विमर्श हेतु ग्राम सभा की बैठक भी आयोजित की जाएगी। अभियान के अंतर्गत ’सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियान का आयोजन 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा, जिसका उद्देश्य ’सेवा, समर्पण एवं सुशासन’ की भावना के साथ जमीनी स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों को सशक्त कर नेतृत्व क्षमता को बढ़ाना तथा ग्राम स्तर पर शासकीय सेवाओं की प्रदायगी को सशक्त करना है। इस सोलह दिवसीय अभियान के अंतर्गत प्रत्येक चयनित ग्राम के लिए 02 अक्टूबर के पूर्व ट्रायबल विलेज विजन-2030 का निर्माण, जनभागीदारी के तहत विशेष जागरूकता अभियान, शिकायत निवारण एवं सेवा प्रदाय हेतु शिविरों का आयोजन, प्रत्येक पखवाड़े में ‘आदिवासी सेवा दिवस’ एवं प्रत्येक सप्ताह (सोमवार) ’आदिवासी सेवा हेतु निश्चय समय’ का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान “Whole of Government Approach” पर आधारित है। इस अभियान के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है तथा प्रशिक्षण के लिए प्रभारी मंडल संयोजक कपिल भट्ट, सहायक वन संरक्षक किशोरीलाल साहू, जेंडर विशेषज्ञ खुलेश साहू, व्याख्याता संजय वस्त्राकार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संकाय सदस्य पंकज कुमार सिन्हा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से राजेश हिरकने को जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स बनाया गया है। कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने कहा कि हम सबकी सक्रिय भागीदारी, नेतृत्व एवं समन्वय से ही इस अभियान का ध्येय ’सेवा, समर्पण एवं संकल्प प्राप्त किया जा सकेगा।

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