UP पुलिस ने लिया एक्शन: मासूम से दरिंदगी और हत्या के आरोपियों का एनकाउंटर, 3 घंटे में गिरफ्तार

प्रादेशिक मुख्य समाचार

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ थाना सिकंदराबाद क्षेत्र में मात्र चार वर्ष की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी नृशंस हत्या कर दी गई। हालांकि, बुलंदशहर पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज तीन घंटे के भीतर ही दो मुख्य आरोपियों को एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है, लेकिन मासूम के साथ हुई इस बर्बरता ने पूरे इलाके को शोक और आक्रोश में डुबो दिया है।

घटना की शुरुआत शुक्रवार की देर शाम हुई जब चार साल की मासूम अचानक अपने घर के पास से लापता हो गई। काफी देर तक जब वह नहीं मिली, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान मकान के ठीक पीछे के हिस्से में बच्ची का बेजान शरीर बरामद हुआ। बच्ची की स्थिति देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रथम दृष्टया यह साफ हो गया था कि बच्ची के साथ न केवल दरिंदगी की गई, बल्कि अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसकी हत्या भी कर दी गई थी।

बच्ची के पिता ने तत्काल सिकंदराबाद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पिता ने अपने ही घर में किराए पर रहने वाले दो युवकों—राजू और वीरा कश्यप—पर शक जताया, जो घटना के बाद से ही गायब थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन तीन टीमों का गठन किया। आरोपियों की तलाश के लिए सर्विलांस और मुखबिरों का जाल बिछाया गया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कांवरा रोड स्थित एक निर्माणाधीन कॉलोनी के पास छिपे हुए हैं।

जैसे ही पुलिस की टीमों ने निर्माणाधीन कॉलोनी की घेराबंदी शुरू की, खुद को घिरा देख आरोपियों ने पुलिस बल पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ और अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस संक्षिप्त मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोलियां दोनों बदमाशों के पैर में लगीं, जिसके बाद वे भागने में असमर्थ हो गए। पुलिस ने राजू (निवासी लखीमपुर) और वीरा कश्यप (निवासी बलरामपुर) को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया।

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान ही आरोपियों ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने मकान मालिक की बेटी को निशाना बनाया और फिर उसे खेत में फेंक कर फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ पुलिस अभिरक्षा में उनका उपचार चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा ताकि मासूम को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

बुलंदशहर पुलिस द्वारा मात्र 180 मिनट के भीतर अपराधियों को ट्रैक करना और उन्हें मुठभेड़ के बाद सलाखों के पीछे पहुँचाना राज्य सरकार की अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दर्शाता है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता भी व्यक्त की है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

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