रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नियमित शिक्षकों को दरकिनार कर केवल शिक्षक एलबी संवर्ग की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) कर व्याख्याता पदोन्नति सूची जारी किए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के रवैये से नाराज छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखकर पदोन्नति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और नियमित व शिक्षक एलबी संवर्ग की संयुक्त डीपीसी के बाद ही नई सूची जारी करने की मांग की है।
संघ ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि विभाग ने नियमों और प्रावधानों की अनदेखी करते हुए 26 दिसंबर 2025 को केवल शिक्षक एलबी संवर्ग से व्याख्याता पदोन्नति कर दी, जबकि शिक्षक व प्रधान पाठक ई संवर्ग की पूरी तरह उपेक्षा की गई। संघ का कहना है कि यह प्रक्रिया स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती-पदोन्नति अधिनियम (राजपत्र मार्च 2019) और सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के विपरीत है।
संघ ने बताया कि 22 दिसंबर 2025 को डीपीसी की बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपसंचालक लोक शिक्षण संचालनालय आशुतोष चवरे से मिलकर इस विसंगति की ओर ध्यान दिलाया था। उस दौरान शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन इसके बावजूद दो दिन बाद ही 26 दिसंबर को उपसंचालक के हस्ताक्षर से पदोन्नति सूची जारी कर दी गई। इससे प्रदेश भर के शिक्षक और प्रधान पाठक ई संवर्ग में भारी आक्रोश है।
नियमित शिक्षकों को पदोन्नति से बाहर करने का आरोप
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग ने हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद नियमित शिक्षकों को पदोन्नति प्रक्रिया से बाहर कर दिया। रायपुर के ओंकार प्रसाद वर्मा सहित अन्य शिक्षकों ने वरिष्ठता प्रभावित किए जाने को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर फरवरी 2025 में न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए वरिष्ठता सुधार और सभी लाभ देने के निर्देश दिए थे।
संघ का कहना है कि विभाग ने इस फैसले को डिवीजन बेंच में चुनौती देने की औपचारिकता तो दिखाई, लेकिन वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बजाय आनन-फानन में नियमित शिक्षकों को बाहर रखते हुए शिक्षक एलबी की पदोन्नति सूची जारी कर दी गई।
अवमानना की आशंका
जानकारों का कहना है कि इस तरह की पदोन्नति प्रक्रिया न्यायालयीन आदेश की अवहेलना के दायरे में आ सकती है। संघ ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी जानबूझकर ऐसी स्थिति बना रहे हैं, जिससे शिक्षक एलबी और नियमित शिक्षकों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो। साथ ही पदोन्नति सूची में नाम जानबूझकर गायब करने और बाद में जोड़ने जैसी अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि जारी पदोन्नति सूची को तत्काल निरस्त कर दोनों संवर्गों की संयुक्त डीपीसी कराई जाए, ताकि पात्र शिक्षकों को नियमानुसार पदोन्नति मिल सके और विभाग में व्याप्त असंतोष समाप्त हो।
