इंदौर। क्राइम ब्रांच ने एक युवक को गिरफ्तार किया है जो एआई तकनीक का दुरुपयोग कर एक युवती को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर आरोपी युवती के फर्जी न्यूड फोटो तैयार कर बस अड्डों, शौचालयों, सार्वजनिक स्थान और मोहल्लों में चस्पा कर देता था। स्वजन को डराने के लिए अलग-अलग पोस्ट ऑफिस से डाक द्वारा आपत्तिजनक फोटो और लेटर भी भेजता था।
यह तरीका उसने क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर सीखा है। डीसीपी (अपराध) राजेश त्रिपाठी के अनुसार आरोपित की पहचान आयुष अग्निहोत्री निवासी वैशाली नगर के रूप में हुई है। आयुष साफ्टवेयर इंजीनियर है और डेटा एनालिस्ट का काम करता है। उसके विरुद्ध पिछले साल जुलाई में युवती ने बाणगंगा थाना में रिपोर्ट लिखवाई थी। पुलिस ने छह महीने तक खूब छानबीन की, पर आरोपित का कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने पिछले महीने अपराध शाखा को जांच सौंपी। डीसीपी के अनुसार महिला एसीपी की टीम ने दिन-रात जांच कर करीब 20 स्थानों से सीसीटीवी फुटेज निकाले और साइबर एक्सपर्ट की मदद ली। बुधवार को पुलिस ने आयुष को घर से गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और फोटो व लेटर से स्पष्ट इन्कार कर दिया।
पुलिसकर्मियों ने घर की तलाशी ली तो उसके कपड़े, मास्क और टोपी मिल गई। पूछताछ में आयुष ने बताया कि युवती (पीड़िता) की बहन से उसकी शादी की बातचीत चल रही थी। दोनों की मुलाकात मैट्रिमोनियल वेबसाइट से हुई थी, लेकिन युवती के किसी स्वजन ने रिश्ते से इन्कार कर दिया। आयुष को शक था कि यह रिश्ता पीड़िता के कारण टूटा है।
