छत्तीसगढ़ में रेवेन्यू इंस्पेक्टर से 45 लाख रुपये की ठगी: 4 आरोपी गिरफ्तार

प्रादेशिक मुख्य समाचार

अंबिकापुर/सरगुजा : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम में कार्यरत रेवेन्यू इंस्पेक्टर (RI) से 45 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. घटना सरगुजा थाना क्षेत्र की है. आरोप है कि गुजरात की रहने वाली मंजू राठौर ने पिछले 6-7 साल से अफसर के घर देशी घी बेचने के बहाने भरोसा जीता और इसी भरोसे का फायदा उठाकर नकली सोने के बिस्किट के जरिए 20 तोला असली सोने के जेवर और 15 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गई.
मिली जानकारी के मुताबिक मंजू राठौर खुद को राजस्थान के किशनगढ़ की रहने वाली बताती थी. लेकिन हकीकत में में वह गुजरात की रहने वाली थी. वह पिछले कई साल से रेवेन्यू इंस्पेक्टर के घर आकर देशी घी बेचती थी. अफसर ने उस पर पूरा भरोसा कर लिया था. होली से पहले मंजू ने 50 तोला नकली सोने का बिस्किट लेकर अफसर के घर पहुंचकर दावा किया कि उसकी बेटी की शादी है और उसके लिए गहने बनवाने हैं. उसने अफसर से कहा कि वे अपनी बेटी के लिए बनाए गए असली गहने और नगदी दे दें. अफसर ने नकली सोने का बिस्किट कबूल कर लिया और अपनी बेटी के लिए बनाए गए 20 तोला (करीब 200 ग्राम) असली जेवरात, जिसमें कान के टॉप्स, कंगन, हार और अंगूठी शामिल थे और 15 लाख रुपये नकद मंजू को दे दिए. मंजू और उसके साथियों ने यह सब लेकर मौके से फरार हो गए.
अंबिकापुर के सीएसपी राहुल बंसल ने बताया कि पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों की पहचान की. इसके बाद पुलिस टीम गुजरात रवाना हुई. राजकोट से मंजू राठौर (44) और संतोष राठौर (45) को हिरासत में लिया गया. उनके कब्जे से 7 लाख 78 हजार रुपये नकद और 50 ग्राम सोने का कड़ा बरामद हुआ. दोनों ने ठगी की बात कबूल की. पूछताछ के आधार पर पुलिस ने अन्य साथियों की तलाश की और प्रयागराज, यूपी से सुनीता गुजराती (35) और कमला गुजराती (45) को गिरफ्तार किया. इनके पास से 12 लाख 53 हजार रुपये नकद और 50 ग्राम सोने का कड़ा बरामद किया गया.
इस ठगी की घटना में आरोपी ने सालों का भरोसा, धोखे और नकली सोने के बिस्किट का इस्तेमाल कर रेवेन्यू इंस्पेक्टर को फंसाया. अफसर ने बिना सावधानी बरते अपने घर की सुरक्षा और अपनी बेटी के लिए रखे गए जेवरात को अपराधियों को दे दिया. पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले ही गुजरात और यूपी में सक्रिय थे और बड़ी रकम और जेवरों की ठगी करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे थे.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *